संपादकीय चिट्ठा

सिर्फ जश्न नहीं, जिम्मेदारी भी | नया साल 2026 और पर्याव...

नया साल 2026 केवल उत्सव का नहीं, धरती के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। पढ़...

जब IG स्तरीय पूर्व IPS भी असुरक्षित हो, तब आम नागरिक की...

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी और मीडिया तक उनकी पहुँच रोकने की घटनाएँ D...

एक राष्ट्र, एक शिक्षा नियामक: उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक ...

विकसित भारत शिक्षा अधिक्षण विधेयक के माध्यम से मोदी सरकार ने यूजीसी-एआईसीटीई युग...

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना: क्यों 9 दिसंबर एक वैश्व...

भ्रष्टाचार लोकतंत्र और विकास की सबसे बड़ी चुनौती है। जानें कैसे अंतरराष्ट्रीय भ्...

जागो फिर एक बार: निराला की अमर पुकार | संपादकीय

भारतीय साहित्य के प्रथम उग्र मानवीय कवि निराला की विद्रोही चेतना और उनकी अमर पंक...

नेता नहीं, अफसर जिम्मेदार? भारतीय ब्यूरोक्रेसी पर बड़ा ...

पूर्व IAS डॉ. राकेश वर्मा के नजरिए से जानिए, क्यों 70 साल की नाकामियों के लिए ने...

फर्जी मुठभेड़, नया संविधान और लोकतंत्र पर संकट

फर्जी मुठभेड़ों, अफसरशाही और ‘नए संविधान’ की बहस के बीच भारतीय लोकतंत्र किस मोड़...

भारतीय लोकतंत्र का प्राणस्वर, संविधान दिवस

26 नवंबर सिर्फ संविधान की अंगीकृति नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की नैतिक और वैचार...

छोटे कदम, बड़ा बदलाव: माँसाहार निषेध दिवस का संदेश | स्...

माँसाहार त्यागना न केवल पशु पीड़ा रोकता है, बल्कि स्वास्थ्य, जलवायु और मानवता की...

लचित बोरफुकन जयंती: सराईघाट के वीर सेनानायक की अटल विरासत

24 नवंबर को मनाया जाने वाला लचित बोरफुकन दिवस असम और भारत की वीरता का प्रतीक है।...

गुरु तेग बहादुर: समय को थामने वाला बलिदान और न्याय का अ...

गुरु तेग बहादुर की शहादत केवल सिख इतिहास की घटना नहीं, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता,...

मुद्रा का नया सवेरा: विश्वास से परे, गणित के भरोसे

$103,600 की बिटकॉइन कीमत वैश्विक मौद्रिक व्यवस्था में भूचाल ला रही है। सोने के ब...

जब अदृश्य हुआ दृश्य: चिकित्सा इमेजिंग का प्रकाशपर्व

रॉन्टगन की एक्स-रे खोज से लेकर आधुनिक CT, MRI और PET तक यह संपादकीय चिकित्सा इमे...

धान से दुनिया तक: भारत का पोषण क्रांति अभियान

पोर्ट मोरेस्बी में पहुँचे 20 टन भारतीय फोर्टिफाइड चावल ने भारत की वैश्विक पोषण न...

तस्वीर नहीं, व्यवस्था बदलनी है निलंबन नहीं, इंसानियत बह...

श्योपुर के तिरंगापुरा स्कूल में बच्चों को अख़बार पर खाना परोसने की घटना ने मिड-ड...

सृष्टि या प्रयोगशाला: इंसान को गढ़ने का अधिकार किसका?

यह संपादकीय जेनेटिक इंजीनियरिंग के नैतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक प्रभावों पर गहरी ...