संपादकीय चिट्ठा

लोकतंत्र पर बाबूराज का साया

भारतीय नौकरशाही, आईएएस-आईपीएस व्यवस्था, राजनीतिक गठजोड़, विशेषज्ञता के अभाव और प...

बाबूराज बनाम लोकतंत्र : क्या भारत को प्रशासनिक क्रांति ...

भारतीय नौकरशाही, आईएएस-आईपीएस संस्कृति, प्रशासनिक अहंकार और विकेंद्रीकरण की आवश्...

क्या भरत भूषण तिवारी की मौत सिर्फ एक एनकाउंटर है या सड़...

भरत भूषण तिवारी की मौत ने बिहार के साथ ही साथ पूरे भारत की न्याय व्यवस्था, पुलिस...

न्याय नहीं, तारीखों का गणराज्य: क्या भारत मुकदमेबाजी के...

भारत में 5 करोड़ लंबित मुकदमे केवल न्यायिक समस्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र, अर्थव्यव...

क्या बिहार का यह सबसे बड़ा प्रशासनिक भ्रष्टाचार कांड है?

बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में ठेकेदार ऋषु श्री की गिरफ्तारी के बाद ED और SVU ...

स्वातंत्र्य-ज्वाला के अमर पुरोधा : वीर सावरकर

वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवन, क्रांतिकारी संघर्ष, कालापानी की यातनाओं, साहित...

रासबिहारी बोस : स्वतंत्रता संग्राम के अमर क्रांतिधर्मा ...

रासबिहारी बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने अपने स...

आधुनिक युग में संयुक्त परिवार : टूट नहीं रहा, रूप बदल र...

आधुनिक युग में संयुक्त परिवार समाप्त नहीं हुआ, बल्कि डिजिटल और भावनात्मक रूप में...

बंगाल में सत्ता परिवर्तन: क्या बदलेगी राजनीतिक हिंसा और...

पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद सबसे बड़ा सवाल है, क्या केवल सत्ता बदलेगी ...

पश्चिम बंगाल 2026: रिकॉर्ड मतदान, मुस्लिम वोटों का बिखर...

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में 89.93% मतदान, मुस्लिम वोट ध्रुवीकरण, ISF-AIMIM प्रभा...

गिरती गरिमा, गढ़ती गणना: छठे स्थान पर फिसलता भारत और वि...

भारत वैश्विक GDP रैंकिंग में छठे स्थान पर खिसका, फिर भी सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यव...

लोकतंत्र के आईने में भवानीपुर

भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी की लड़ाई अब केवल चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र, मतदाता ...

लंका से लेकर मन तक: हनुमान जन्मोत्सव और आत्मबल की अनंत ...

हनुमान जन्मोत्सव पर आधारित यह संपादकीय आत्मबल, साहस, भक्ति और समर्पण के शाश्वत म...

मिट्टी से सत्ता तक: सहकारिता की मौन क्रांति के शिल्पकार...

मिट्टी से उठकर सहकारिता की क्रांति खड़ी करने वाले सुभाष यादव का जीवन और विचार आज...

ईद: केवल उत्सव नहीं, सामाजिक न्याय और मानवीय करुणा का पर्व

ईद केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और करुणा का संदेश है। जानिए...

मनुर्भव: नवसंवत्सर का संदेश मनुष्य बनो, मानवता जगाओ

भारतीय नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व ...