जयपुर में RPS अधिकारी रितेश पटेल गिरफ्तार

जयपुर में RPS अधिकारी रितेश पटेल गिरफ्तार SOG के नाम से फर्जी FIR बनाकर 1 करोड़ वसूली का आरोप। पूर्व विवादों की फाइलें फिर खुलीं, हिस्ट्रीशीट और विभागीय कार्रवाई की संभावना।

Jan 2, 2026 - 11:09
Jan 2, 2026 - 11:09
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जयपुर में RPS अधिकारी रितेश पटेल गिरफ्तार
पुलिस उपाधीक्षक रितेश पटेल गिरफ्तार

जयपुर में RPS अधिकारी रितेश पटेल गिरफ्तार: फर्जी SOG FIR के जरिए 1 करोड़ की वसूली का आरोप, सिस्टम पर फिर सवाल

जयपुर। राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के अधिकारी रितेश पटेल को जयपुर पुलिस ने देर रात लगभग 3 बजे गिरफ्तार कर लिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के नाम से फर्जी FIR तैयार कर एक परिवादी को डराया-धमकाया और एक करोड़ रुपये की अवैध वसूली का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरफ्तारी गुप्त निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों और शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के समय आरोपी APO (Awaiting Posting Orders) की स्थिति में था और हाल ही में उसे पदस्थापन से हटाया गया था। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धमकी और अवैध वसूली जैसे गंभीर अपराधों की श्रेणी में आता है।

मामला कैसे सामने आया

सूत्रों के अनुसार, पीड़ित ने शिकायत में बताया कि उसे SOG के लेटरहेड/नाम का उपयोग करते हुए एक FIR की प्रति भेजी गई। इसमें गंभीर धाराओं का हवाला देकर गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की धमकी दी गई। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से पैसे की माँग की गई। जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि:

  • भेजी गई FIR आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थी।
  • दस्तावेज़ में प्रयुक्त प्रारूप, भाषा और हस्ताक्षर असंगत पाए गए।
  • डिजिटल ट्रेस (कॉल/मैसेज/डॉक्यूमेंट मेटाडाटा) आरोपी से जुड़ते पाए गए।

इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की।

कानूनी पहलू और जाँच की दिशा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में निम्न बिंदुओं पर विशेष जाँच चल रही है:

  • फर्जी FIR तैयार करने में किस-किस ने सहयोग किया
  • क्या इससे पहले भी इसी तरह के दबाव/वसूली प्रयास हुए
  • वित्तीय लेन-देन का पूरा ट्रेल (बैंकिंग/कैश/डिजिटल)
  • सरकारी पद और पहचान का दुरुपयोग
  • विभागीय नियमों के उल्लंघन की आंतरिक जाँच

संभावना जताई जा रही है कि जाँच का दायरा बढ़ने पर अन्य धाराएँ भी जोड़ी जा सकती हैं।

पूर्व विवाद: रिकॉर्ड पर दर्ज मामले

जाँच एजेंसियों और मीडिया में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रितेश पटेल का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है:

1.     फरवरी 2021 - बिलाड़ा थाने में एक शिक्षिका द्वारा दुष्कर्म का मामला दर्ज।

2.     सितंबर 2021 - सोजत थाने में अश्लील वीडियो भेजने और ब्लैकमेलिंग का केस।

3.     जून 2017 - FIR क्रमांक 243/17, बिलाड़ा थाने में मोबाइल पर अश्लील संदेश भेजने का आरोप।

4.     2019 - FIR क्रमांक 836/19, जयपुर के गांधी नगर थाने में बैचमेट द्वारा शिकायत “मेरे नाम से दूसरों को धमकाता था।”

5.     मई 2024 - भीलवाड़ा जिले में डोडा तस्करों से कथित डील के आरोप। इन मामलों की वर्तमान स्थिति/नतीजों की स्वतंत्र जाँच जारी है।

सबसे अहम तथ्य: फाइलों में दबी कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि परिवीक्षा काल में ही राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने रितेश पटेल को निलंबित करने और 16CC चार्जशीट देने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा था। लेकिन तत्कालीन परिस्थितियों में यह प्रस्ताव फाइलों में दबा रह गया। अब जब ताजा गिरफ्तारी हुई है, तो उसी पुराने पत्राचार और नोटिंग्स को भी रिकॉर्ड पर लाने की तैयारी है।

हिस्ट्रीशीट और विभागीय कार्रवाई की संभावना

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार:

  • आरोपी की हिस्ट्रीशीट खोलने पर विचार किया जा रहा है।
  • विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई (सस्पेंशन/डिसमिसल) की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
  • यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला ‘सरकारी पद के दुरुपयोग’ का नजीर बन सकता है।

प्रशासन और सिस्टम पर सवाल

यह प्रकरण एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि-

  • क्या पूर्व शिकायतों पर समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो यह स्थिति टल सकती थी?
  • APO जैसे संवेदनशील चरण में अधिकारियों की निगरानी कितनी प्रभावी है?
  • फर्जी FIR जैसे गंभीर अपराधों पर डिजिटल वेरिफिकेशन के मानक कितने मजबूत हैं?

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पूजा अग्रहरि पूजा अग्रहरि ने 2020 में दैनिक विश्वमित्र से पत्रकारिता की शुरुआत की। युवा शक्ति और जागो देश यूट्यूब चैनलों से जुड़ने के बाद, वर्तमान में पिछले 1 वर्ष से ‘जागो टीवी’ वेब पोर्टल में कंटेंट राइटर हैं। ‘कोई और राकेश श्रीमाल’ पुस्तक की सह-संपादक रही हैं। आपने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, कोलकाता केंद्र से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है।