गैर-जमानती वारंट के बावजूद आरोपी खुलेआम, पुलिस निष्क्रिय: शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर उठाई आवाज

पुलिस की ओर से दी गई आख्या में बताया गया कि मामले की विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है और आरोपी फरार हैं। हालाँकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस अधिकारी जानबूझकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रहे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

May 7, 2025 - 00:50
May 7, 2025 - 01:03
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गैर-जमानती वारंट के बावजूद आरोपी खुलेआम, पुलिस निष्क्रिय: शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर उठाई आवाज
पुलिस की आख्या - 'आरोपी फरार

मामले का सारांश
प्रयागराज के सुशील कुमार पाण्डेय द्वारा जनसुनवाई पोर्टल (शिकायत संख्या 40017525018769) के माध्यम से पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मु.अ.सं. 125/2024 के गैर-जमानती वारंटी आरोपी (IPC 147, 148, 149, 323, 504, 506, 352, 452, 307, 308) गाँव में खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पुलिस उन्हें फरार बता रही है। शिकायतकर्ता के पास आरोपियों की गाँव में मौजूदगी के CCTV फुटेज भी हैं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की

पुलिस की आख्या
पुलिस की ओर से सहायक पुलिस आयुक्त, हंडिया, प्रयागराज द्वारा दी गई आख्या में कहा गया:

  • मुकदमे की विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है।
  • नामजद कुछ आरोपी (जिनमें साहेबलाल पाण्डेय आदि) फरार हैं और उनके विरुद्ध NBW (गैर-जमानती वारंट) जारी है।
  • विवेचना आंशिक रूप से लंबित है, और थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि सभी साक्ष्य संकलित कर गुण-दोष के आधार पर कार्रवाई करें

प्रभावी मीडिया रिपोर्टिंग के मुख्य बिंदु

  • शिकायतकर्ता का पक्ष:
    शिकायतकर्ता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम गाँव में घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस जानबूझकर उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही। आरोप है कि थाना प्रभारी की मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं हो रही। शिकायतकर्ता ने पुलिस निष्क्रियता के सबूत (CCTV फुटेज) देने की पेशकश भी की है।
  • पुलिस का पक्ष:
    पुलिस ने आख्या में आरोपियों को फरार बताया और NBW के बावजूद गिरफ्तारी न होने का कारण यही बताया। पुलिस ने विवेचना आंशिक रूप से लंबित होना स्वीकार किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी की बात नहीं कही।
  • जनसुनवाई पोर्टल की प्रक्रिया:
    उत्तर प्रदेश जनसुनवाई पोर्टल पर नागरिक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिसकी स्थिति ट्रैक की जा सकती है। यदि समय पर समाधान नहीं होता, तो रिमाइंडर भेजा जा सकता है। शिकायतकर्ता को समाधान की रिपोर्ट और फीडबैक देने की सुविधा भी है।
  • कानूनी पहलू:
    गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस का दायित्व है कि आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करे।
    इस प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस निष्क्रियता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि पुलिस ने आरोपियों को फरार बताकर आख्या प्रस्तुत कर दी। शिकायतकर्ता के पास आरोपियों की मौजूदगी के साक्ष्य होने के बावजूद पुलिस द्वारा गिरफ्तारी न करना, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। जनसुनवाई पोर्टल की पारदर्शी प्रक्रिया के बावजूद, जमीनी स्तर पर कार्रवाई में लापरवाही स्पष्ट दिखती है।

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