पंचकूला में 10,000 खैर के पेड़ों का अवैध कटान; व्हिसलब्लोअर फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड, जाँच की माँग तेज
हरियाणा के पंचकूला में हुआ बड़ा वन घोटाला! 10,000 खैर के पेड़ गायब, सबूत मिटाने के लिए जलाए ठूंठ। सच सामने लाने वाले गार्ड विजय कुमार पर हुई कार्रवाई ने खड़े किए गंभीर सवाल। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
पंचकूला, हरियाणा। हरियाणा के पंचकूला जिले से पर्यावरण विनाश की एक ऐसी डरावनी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। यहाँ के संरक्षित वन क्षेत्रों से रातों-रात 10,000 से अधिक बेशकीमती खैर के पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस महा-घोटाले को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि प्रशासन को कानों-कान खबर नहीं हुई, या फिर जानबूझकर आँखें मूँद ली गईं।
हाई-टेक मशीनों और ऊंटों का 'कॉकटेल'
रिपोर्ट्स के अनुसार, माफियाओं ने पेड़ों को काटने के लिए आधुनिक 'साइलेंट कटिंग मशीनों' का उपयोग किया, ताकि रात के सन्नाटे में आरी की आवाज दूर तक न जाए। कटी हुई महंगी लकड़ियों को जंगलों से बाहर ले जाने के लिए ऊंटों का सहारा लिया गया। सबूतों को पूरी तरह मिटाने के लिए लकड़ी माफिया ने पीछे बचे पेड़ों के ठूंठों (stumps) को आग के हवाले कर दिया, ताकि गिनती करना भी मुश्किल हो जाए।
व्हिसलब्लोअर विजय कुमार: रक्षक से 'सस्पेंड' तक का सफर
इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा जांबाज वन रक्षक (Forest Guard) विजय कुमार ने किया। विजय कुमार ने भावुक होते हुए बताया कि इन पेड़ों से उनका व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव था। लेकिन विडंबना देखिए, सिस्टम ने माफियाओं पर नकेल कसने के बजाय इस घोटाले को उजागर करने वाले विजय कुमार को ही सस्पेंड कर दिया। वर्तमान में विजय कुमार अकेले धरने पर बैठे हैं और मामले की निष्पक्ष उच्च-स्तरीय जाँच की माँग कर रहे हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई ने स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी रोष पैदा कर दिया है।
हरियाणा के वन क्षेत्र पर बड़ा खतरा
हरियाणा में पहले ही वन क्षेत्र का प्रतिशत चिंताजनक रूप से कम है (लगभग 3.25%)। ऐसे में 10,000 पेड़ों का कत्लेआम न केवल पारिस्थितिकी तंत्र को बिगाड़ेगा, बल्कि राज्य में वन संरक्षण के दावों की पोल भी खोलता है।
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