विद्यासागर विश्वविद्यालय में हिंदी रोजगार कार्यशाला, विद्यार्थियों को करियर के नए अवसरों की जानकारी
विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में ‘हिंदी में रोजगार की संभावनाएं’ विषय पर कार्यशाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भाषा, तकनीकी दक्षता और करियर अवसरों पर किया प्रेरित।
हिंदी भाषा में रोजगार की अपार संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
मिदनापुर, 05 मई 2026 । विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से ‘हिंदी में रोजगार की संभावनाएं’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के साथ ही चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक विदाई समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ टी. दिव्यांशी और प्रीति सिंह द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार प्रसाद ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल प्रमाणपत्र देने वाली संस्था नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र भी होता है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा में रोजगार की असीम संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन उसके लिए विद्यार्थियों को अपनी पात्रता, ज्ञान और कौशल को निरंतर विकसित करना होगा।
विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय जायसवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी विषय पढ़ने वाले छात्रों के सामने आज अनगिनत अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी भाषा के साथ-साथ तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करें तो वे शिक्षक, अनुवादक, राजभाषा अधिकारी, हिंदी सहायक, टाइपिस्ट, दुभाषिए, कंटेंट राइटर, रिपोर्टर, एंकर और फ्रीलांसर जैसे अनेक क्षेत्रों में सफल करियर बना सकते हैं।
सहायक प्रोफेसर डॉ. श्रीकांत द्विवेदी ने विद्यार्थियों को आत्ममंथन और लक्ष्य निर्धारण की प्रेरणा देते हुए कहा कि विदाई का यह क्षण भावुक अवश्य है, लेकिन यही समय अपने भविष्य की दिशा तय करने का भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने भीतर झांककर अपनी वास्तविक रुचि और उद्देश्य को पहचानने की अपील की।
कार्यक्रम में विभाग की शोधार्थी उष्मिता गौड़ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री केवल एक कागज़ का प्रमाणपत्र न बनकर जीवन की मंजिल तक पहुंचने का माध्यम बननी चाहिए। वहीं रूपेश कुमार यादव ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता ईमानदारी, समर्पण और निरंतर प्रयास से ही प्राप्त होती है।
सुषमा कुमारी ने विद्यार्थियों को करियर के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि सबसे पहले यह तय करना आवश्यक है कि जीवन में किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है, उसके बाद उसी दिशा में गंभीर तैयारी करनी चाहिए। रिया श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि विदाई का यह अवसर भावुक होने के साथ-साथ भविष्य के प्रति सजग और संकल्पित बनने का भी समय है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अर्जुन सार्की ने गीत प्रस्तुत किया, जबकि निसार अहमद, अंजली शर्मा और रूथ कर ने काव्य पाठ के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। नंदिनी सिंह द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रियांशु ठाकुर, रंभा कुमारी, प्रिया मिश्रा और काजल ठाकुर ने विशेष सहयोग दिया। संचालन की जिम्मेदारी सुषमा कुमारी, शबाना खातून और प्रिंशु ठाकुर ने निभाई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्रुति पाढ़ी ने किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिंदी भाषा को रोजगार, अभिव्यक्ति और सामाजिक चेतना की सशक्त भाषा बताते हुए इसे नई तकनीकों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
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