संपादकीय चिट्ठा

ईद: केवल उत्सव नहीं, सामाजिक न्याय और मानवीय करुणा का पर्व

ईद केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और करुणा का संदेश है। जानिए...

मनुर्भव: नवसंवत्सर का संदेश मनुष्य बनो, मानवता जगाओ

भारतीय नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व ...

आधी आबादी की ऊर्जा: नारी को अवसर, समाज को विकास

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम ‘देना है, तो पाना है’ के संदर्भ में यह संपा...

युद्ध-मुक्त विश्व: मानव सभ्यता के अस्तित्व की पहली शर्त

युद्ध मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ा खतरा क्यों है? यह संपादकीय स्वास्थ्य, शिक्षा,...

सौंदला की सामाजिक क्रांति: ‘आमची जात, मानव’ से समानता क...

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के सौंदला गाँव ने खुद को ‘कास्ट-फ्री’ घोषित कर साम...

बारात का शास्त्रार्थ: विवाह की खोती हुई सांस्कृतिक गरिमा

भारतीय विवाह में कभी शास्त्रार्थ और सांस्कृतिक संवाद की परंपरा थी। आज की त्वरित ...

लोक-लुभावन वादे या लोक-कल्याण? ‘फ्रीबीज’ पर भारतीय लोकत...

सुप्रीम कोर्ट की ‘फ्रीबीज’ पर सख्त टिप्पणी के बाद कल्याणकारी योजनाओं और चुनावी ल...

अनंत शक्ति का उद्घोष: स्वामी विवेकानंद और भारत की जागृत...

स्वामी विवेकानंद का जीवन, दर्शन और युवाओं के लिए उनका संदेश एक विस्तृत संपादकीय ...

विश्व हिंदी दिवस: वैश्विक पटल पर हिंदी की अखंड यात्रा औ...

विश्व हिंदी दिवस 2026 पर विशेष संपादकीय हिंदी की ऐतिहासिक यात्रा, सांस्कृतिक शक्...

सभ्यता बनाम सत्ता का अहंकार: जब विश्वविद्यालय की आत्मा ...

बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौ...

कथाकार नहीं रहे, समय की बेचैनी रह गई

प्रख्यात कथाकार, संपादक और वैचारिक हस्तक्षेप के प्रतीक ज्ञानरंजन का निधन हिंदी स...

आज की समृद्धि, कल की कीमत: वैश्विक कर्ज का सच

वैश्विक सार्वजनिक कर्ज 100 ट्रिलियन डॉलर पार, विकास से आगे बढ़ता बोझ। 2026–29 क्...

सिर्फ जश्न नहीं, जिम्मेदारी भी | नया साल 2026 और पर्याव...

नया साल 2026 केवल उत्सव का नहीं, धरती के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। पढ़...

जब IG स्तरीय पूर्व IPS भी असुरक्षित हो, तब आम नागरिक की...

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी और मीडिया तक उनकी पहुँच रोकने की घटनाएँ D...

एक राष्ट्र, एक शिक्षा नियामक: उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक ...

विकसित भारत शिक्षा अधिक्षण विधेयक के माध्यम से मोदी सरकार ने यूजीसी-एआईसीटीई युग...

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना: क्यों 9 दिसंबर एक वैश्व...

भ्रष्टाचार लोकतंत्र और विकास की सबसे बड़ी चुनौती है। जानें कैसे अंतरराष्ट्रीय भ्...