पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार में 2025-26 सत्र हेतु दूरस्थ शिक्षा प्रवेश प्रारंभ
पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार ने 2025-26 सत्र हेतु दूरस्थ शिक्षा में बीए, एमए, एमएससी (योग विज्ञान) व पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रारंभ किए। अंतिम तिथि 29 मार्च 2026।
योग विज्ञान के स्नातक, परास्नातक व डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में नामांकन 29 मार्च 2026 तक
भारतीय ज्ञान परंपरा, योग विज्ञान और समग्र स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार ने वर्ष 2025-26 के लिए दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने की घोषणा की है। यह पहल उन विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कार्यरत पेशेवरों और योग साधकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो नियमित कक्षाओं में भाग लेने में असमर्थ हैं, किंतु योग विज्ञान में उच्च अध्ययन करना चाहते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, वर्तमान समय में योग केवल एक आध्यात्मिक साधना न रहकर वैश्विक स्वास्थ्य उद्योग, अनुसंधान और सांस्कृतिक कूटनीति का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। इसी दृष्टि से दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों को सुदृढ़ शैक्षणिक ढांचे और प्रायोगिक प्रशिक्षण के साथ विकसित किया गया है।
उपलब्ध पाठ्यक्रम
स्नातक स्तर
- बी.ए. (योग विज्ञान)
परास्नातक स्तर
- एम.ए. (योग विज्ञान)
- एम.एससी. (योग विज्ञान)
डिप्लोमा कार्यक्रम
- योग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा
- योग स्वास्थ्य एवं सांस्कृतिक पर्यटन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा
इन पाठ्यक्रमों को इस प्रकार संरचित किया गया है कि विद्यार्थी योग के दार्शनिक आधार, शारीरिक विज्ञान, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण, जीवनशैली प्रबंधन तथा शोध पद्धति जैसे विषयों का समग्र अध्ययन कर सकें।
योग शिक्षा का बदलता परिदृश्य
पिछले एक दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की स्वीकार्यता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवनशैली संबंधी समस्याओं के समाधान में योग को एक प्रभावी माध्यम के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों की मांग भी निरंतर बढ़ रही है। पतंजलि विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत दूरस्थ शिक्षा मॉडल उन छात्रों के लिए अवसर प्रदान करता है, जो अपने वर्तमान कार्य या पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। विशेष रूप से योग स्वास्थ्य एवं सांस्कृतिक पर्यटन में डिप्लोमा कार्यक्रम यह संकेत देता है कि योग को पर्यटन, वेलनेस उद्योग और सांस्कृतिक अध्ययन से जोड़ने की नई संभावनाएँ विकसित की जा रही हैं।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
- आवेदन की अंतिम तिथि: 29 मार्च 2026
- सत्र प्रारंभ: शैक्षणिक कैलेंडर अनुसार
संपर्क एवं आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु निम्न संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं:
- 8954555111 (कॉल सेंटर)
- 7217035962
- 7055110102
संभावित करियर अवसर
इन पाठ्यक्रमों को पूर्ण करने के पश्चात विद्यार्थी निम्न क्षेत्रों में अवसर प्राप्त कर सकते हैं:
- योग प्रशिक्षक एवं परामर्शदाता
- वेलनेस एवं हेल्थ सेंटर विशेषज्ञ
- शोध एवं अकादमिक क्षेत्र
- सांस्कृतिक पर्यटन एवं योग रिट्रीट प्रबंधन
- कॉरपोरेट वेलनेस सलाहकार
शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण
पतंजलि विश्वविद्यालय का यह कदम योग को केवल व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्रतिष्ठा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विश्वविद्यालय व्यापक सामाजिक वर्गों तक योग आधारित उच्च शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन में यह पहल एक सशक्त शैक्षणिक हस्तक्षेप सिद्ध हो सकती है।
What's Your Reaction?

