कोलकाता में नराकास (उपक्रम) की छमाही समीक्षा बैठक एवं राजभाषा उत्सव
कोलकाता में नराकास (उपक्रम) की छमाही समीक्षा बैठक एवं राजभाषा उत्सव का भव्य आयोजन हुआ। कोल इंडिया, हिंदुस्तान कॉपर, ओएनजीसी सहित विभिन्न उपक्रमों ने हिंदी कार्यान्वयन को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
कोलकाता में राजभाषा हिंदी के संवर्धन और प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम) कोलकाता की छमाही समीक्षा बैठक 11 फरवरी 2026 को फेयरफील्ड बाय मैरियट कोलकाता के सभागार में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित की गई। इस अवसर पर 33 सदस्य कार्यालयों के प्रधान, राजभाषा अधिकारी तथा विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक: प्रगति, मूल्यांकन और लक्ष्य
बैठक की अध्यक्षता कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन) एवं नराकास उपक्रम कोलकाता के अध्यक्ष डॉ. विनय रंजन ने की। उन्होंने राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सभी सदस्य कार्यालय नराकास के बैनर तले नियमित रूप से कम से कम एक-एक गतिविधि आयोजित करें, तो कोलकाता नराकास पूर्वी क्षेत्र में उत्कृष्ट श्रेणी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि राजभाषा का प्रयोग केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बने।
गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग (पूर्वी क्षेत्र) के क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय के उपनिदेशक डॉ. विचित्रसेन गुप्त ने सदस्य कार्यालयों द्वारा प्रस्तुत तिमाही रिपोर्टों की समीक्षा करते हुए नराकास उपक्रम कोलकाता की सक्रियता और प्रतिबद्धता की सराहना की। केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो, हिंदी शिक्षण योजना के स्तंभ प्रमुखों ने राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन, अनुवाद गुणवत्ता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपयोगिता पर मार्गदर्शन दिया।
सार्वजनिक उपक्रमों की सहभागिता
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे कॉपर औद्योगिक विकास की धुरी है, वैसे ही हिंदी भारतीय एकता और प्रशासनिक समन्वय की आधारशिला है।
‘अभिव्यक्ति’ का विमोचन और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान नराकास उपक्रम की गृह पत्रिका ‘अभिव्यक्ति’ के 33वें अंक का विधिवत विमोचन किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और सक्रिय कार्यालयों को “सक्रिय सहभागिता पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों में उत्साह और गर्व का भाव स्पष्ट झलक रहा था।
स्वास्थ्य जागरूकता पहल
समीक्षा बैठक के उपरांत अपोलो अस्पताल कोलकाता के मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. विश्वरूप मुखर्जी ने मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जीवनशैली, खानपान और नियमित जांच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए चिकित्सा परीक्षण भी किए। यह पहल कार्यक्रम को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने वाली रही।
राजभाषा उत्सव: साहित्य और संस्कृति का संगम
कार्यक्रम के द्वितीयार्द्ध में राजभाषा उत्सव का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कोल इंडिया लिमिटेड के सीवीओ ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने की।
सफल आयोजन और समापन
कार्यक्रम का संचालन मती नयंका जायसवाल एवं राजेश कुमार साव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन भारतीय खाद्य निगम की प्रबंधक (राजभाषा) मती रीना पाण्डेय ने किया।
कोल इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक (राजभाषा) राजेश वी. नायर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की सफलता में विभिन्न उपक्रमों ब्रिज एंड रूफ, सीडब्ल्यूसी, एमएसटीसी, इंडियन ऑयल, ईएसआईसी, एनएचपीसी आदि के प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिनिधियों ने राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार को और सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया।
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