ग्राफ एवं फजी ग्राफ सिद्धांत पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन
VIT चेन्नई एवं विद्यासागर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ICGFG-2026 सम्मेलन में 250+ प्रतिभागियों ने भाग लिया और 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए।
मिदनापुर, 27 मार्च। गणित के उभरते हुए क्षेत्र ग्राफ सिद्धांत एवं फजी ग्राफ पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीजीएफजी-2026 (ICGFG-2026) का भव्य आयोजन 26 एवं 27 मार्च 2026 को वी.आई.टी. चेन्नई में हाइब्रिड मोड में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन का आयोजन वी.आई.टी. चेन्नई एवं विद्यासागर विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से श्रीधराचार्य एकेडमी ऑफ मैथमेटिकल साइंस (SAAMS) के तत्वावधान में किया गया। यह सम्मेलन विशेष रूप से फजी ग्राफ सिद्धांत की 50वीं वर्षगांठ को समर्पित था, जिसने इस क्षेत्र में हुए शोध एवं विकास को एक वैश्विक मंच प्रदान किया।
उद्घाटन सत्र की प्रमुख झलकियाँ
सम्मेलन का उद्घाटन वी.आई.टी. चेन्नई के प्रो. वाइस चांसलर द्वारा किया गया, जिसमें संस्थान के निदेशक, संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्षों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के रूप में आई.आई.टी. मद्रास के गणित विभाग के अध्यक्ष ने अपने संबोधन में ग्राफ सिद्धांत के आधुनिक अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यासागर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीपक कुमार कर ने शोध एवं नवाचार की दिशा में इस प्रकार के आयोजनों की महत्ता को रेखांकित किया।
विशिष्ट विद्वानों की उपस्थिति
सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित गणितज्ञों की सक्रिय सहभागिता रही, जिनमें प्रमुख हैं:
प्रो. मधुमंगल पाल (विद्यासागर विश्वविद्यालय, SAAMS अध्यक्ष)
प्रो. एस. के. मो. अबू नईम (आलिया विश्वविद्यालय, SAAMS महासचिव)
प्रो. अनिता पाल (NIT दुर्गापुर, SAAMS उपाध्यक्ष)
इनके अतिरिक्त, भारत एवं विदेशों से आए कुल 12 प्रख्यात वक्ताओं ने अपने शोध-व्याख्यान प्रस्तुत किए।
तकनीकी सत्र एवं शोध प्रस्तुतियाँ
सम्मेलन के दौरान आयोजित समानांतर तकनीकी सत्रों में 250 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस दौरान लगभग 200 शोध-पत्रों का प्रस्तुतीकरण हुआ, जिसमें ग्राफ सिद्धांत, फजी सेट्स, नेटवर्क विश्लेषण एवं अनुप्रयुक्त गणित के विविध आयामों पर चर्चा की गई।
समापन सत्र
समापन सत्र में विद्यासागर विश्वविद्यालय के आर. एंड डी. सेल के निदेशक प्रो. अजय कुमार मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों को और विस्तृत स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया।
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