ED ने नगरपालिका भर्ती घोटाले में पूर्व बंगाल मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया TMC पर सख्ती बढ़ी
ED ने नगरपालिका भर्ती घोटाले में पूर्व TMC मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया। 10 घंटे पूछताछ के बाद PMLA के तहत अरेस्ट। साउथ दम दम में 150 सिफारिशों का आरोप। पूरी डिटेल पढ़ें।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तूफान लाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार रात पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया। 63 वर्षीय बोस, जो तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिधाननगर से प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं, नगरपालिका भर्ती घोटाले की जाँच के सिलसिले में ED के सामने पेश हुए थे।
सुबह करीब 1030 बजे अपने बेटे समुद्र बोस के साथ ED के CGO कॉम्प्लेक्स, सॉल्ट लेक कार्यालय पहुंचे। दिन भर चली पूछताछ के दौरान उनके बयान में विसंगतियां और सहयोग न करने का आरोप लगाया गया। शाम करीब 915 बजे उन्हें PMLA के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
मामला क्या है?
ED की जाँच राज्य की विभिन्न नगरपालिकाओं, खासकर साउथ दम दम म्यूनिसिपैलिटी में अनियमित भर्तियों से जुड़ी है। आरोप है कि बोस ने क्लर्क, स्वीपर समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए सिफारिशें कीं और बदले में पैसे तथा संपत्तियां प्राप्त कीं। यह घोटाला राज्य के शिक्षक भर्ती घोटाले से भी जुड़ा माना जा रहा है। ED ने पहले बोस के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
सुजीत बोस TMC में ममता बनर्जी सरकार के दौरान प्रभावशाली मंत्री रहे। वे बड़े दुर्गा पूजा आयोजक के रूप में भी जाने जाते हैं। BJP की भारी जीत और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद यह पहली बड़ी गिरफ्तारी है, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई है।
प्रतिक्रियाएँ
BJP नेताओं ने इसे कानून का राज बताते हुए स्वागत किया है। TMC की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, हालाँकि पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे सकती है। यह गिरफ्तारी बंगाल में भर्ती घोटालों की जाँच को नई दिशा देगी और कई अन्य नेताओं पर भी दबाव बढ़ा सकती है।
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