सिपाही ने लिए 5 हजार रुपये, थानेदार पर भी गिरी गाज; प्रयागराज में पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन
प्रयागराज के मांडा थाने में 5 हजार रुपये लेने के आरोप में सिपाही उज्जवल कुमार निलंबित। पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया की कार्रवाई के बाद थानेदार अनिल वर्मा पर भी गिरी गाज।
प्रयागराज। प्रयागराज के मांडा थाने में एक पीड़ित से काम कराने के नाम पर 5 हजार रुपये लेने के आरोप में सिपाही उज्जवल कुमार को निलंबित कर दिया गया। शिकायत पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक पहुंचने के बाद कार्रवाई हुई। मामले में मांडा थाने के थानेदार अनिल वर्मा पर भी कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर के इस एक्शन के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
प्रयागराज के मांडा थाने में घूसखोरी के आरोप से हड़कंप
प्रयागराज के मांडा थाने में पुलिसकर्मी पर रिश्वत लेने के आरोप ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। आरोप है कि थाने में तैनात सिपाही उज्जवल कुमार ने एक पीड़ित से उसका काम कराने के नाम पर 5 हजार रुपये लिए थे। पीड़ित ने आरोप के मुताबिक रकम दे दी, लेकिन इसके बावजूद उसका काम नहीं हुआ।
सिपाही उज्जवल कुमार निलंबित
मामले में आरोपों के आधार पर मांडा थाने में तैनात सिपाही उज्जवल कुमार को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि सिपाही ने पीड़ित को भरोसा दिलाया था कि रुपये देने के बाद उसका काम हो जाएगा। पीड़ित द्वारा रकम दिए जाने के बावजूद काम नहीं होने के बाद उसने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की।
थानेदार अनिल वर्मा पर भी कार्रवाई
मामले में कार्रवाई सिर्फ सिपाही तक सीमित नहीं रही। मांडा थाने के थानेदार अनिल वर्मा पर भी कार्रवाई की गई है। थाने में तैनात पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर रुपये लिए जाने की जानकारी थानेदार को थी या नहीं, यह जांच का विषय है। हालांकि, थाने की जिम्मेदारी को देखते हुए पुलिस कमिश्नर की ओर से थानेदार के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
नए पुलिस कमिश्नर का सख्त संदेश?
प्रयागराज के नए पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया के कार्यभार संभालने के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेत मिल रहे हैं। मांडा थाने का यह मामला पुलिस महकमे में जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी पीड़ित की शिकायत रही। आरोप है कि रकम देने के बाद भी जब उसका काम नहीं हुआ तो उसने मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से कर दी। इसके बाद सिपाही पर निलंबन की कार्रवाई हुई और थानेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
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