दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, 17 से अधिक नामों की होगी जाँच
मुंबई, 14 सितंबर 2026: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की जून 2020 में हुई संदिग्ध मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद सीबीआई ने सोमवार को एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। छह साल बाद दर्ज इस एफआईआर में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके पुत्र आदित्य ठाकरे, पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह और पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत 17 से अधिक व्यक्तियों की भूमिका की जाँच का उल्लेख है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी शिकायत में बेटी के गैंगरेप और हत्या का आरोप लगाया है, जबकि मुंबई पुलिस की ओर से पहले इसे आत्महत्या बताया गया था।
दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर: उद्धव-आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया समेत 17+ नाम शामिल; गैंगरेप, हत्या और सबूत मिटाने के आरोपों की होगी जाँच
पृष्ठभूमि और हाईकोर्ट का आदेश
8 जून 2020 को मालाड, मुंबई में 14वीं मंजिल से गिरकर दिशा सालियान की मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया था, लेकिन दिशा के पिता सतीश सालियान ने लगातार हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप लगाते हुए न्यायिक जाँच की मांग की। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की जाँच में देरी और खामियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए 7 सितंबर 2026 को मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
एफआईआर में नामजद प्रमुख व्यक्ति
सीबीआई की एफआईआर में जिन लोगों की भूमिका की जाँच की बात कही गई है, वे निम्नलिखित हैं:
राजनीतिक हस्तियाँ
- उद्धव ठाकरे – शिवसेना (यूबीटी) सुप्रीमो और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री
- आदित्य ठाकरे – शिवसेना (यूबीटी) विधायक और उद्धव ठाकरे के पुत्र
- अनिल देशमुख – महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री
- आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड
बॉलीवुड और फिल्मी जगत से जुड़े लोग
- डिनो मोरिया – अभिनेता
- सूरज पंचोली – अभिनेता
- रिया चक्रवर्ती – अभिनेत्री
- शोविक चक्रवर्ती – रिया चक्रवर्ती के भाई
- रोहन रॉय – दिशा सालियान के तत्कालीन मंगेतर
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी
- परमबीर सिंह – मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त
- सचिन वाजे – पुलिस अधिकारी (वर्तमान में जेल में बंद)
- विशाल ठाकुर – तत्कालीन डीसीपी
- अशोक देवढे – एपीआई
- जगदेव कलापाड़, शैलेंद्र नागरकर, चिमाजी अढ़ाव, अर्जुन रजाने – पीआई स्तर के अधिकारी
- मालवानी पुलिस स्टेशन और एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य
अन्य व्यक्ति
- प्रीति राणे, प्रवीण राणे, अंकिता सातुर, इंद्रनील वैद्य, दीप अजमेरा, हिमांशु शिखारे, रेशा पडवाल, सतवंत सिंह, नावेद मुजावर, प्रियेश राणे आदि
आरोप और जाँच के प्रमुख बिंदु
सीबीआई की एफआईआर में गंभीर आरोपों की जाँच का उल्लेख किया गया है:
- गैंग रेप और हत्या – दिशा के पिता सतीश सालियान ने सीबीआई के सामने चार घंटे से अधिक समय तक बयान दर्ज कराते हुए बेटी के गैंगरेप और हत्या का आरोप लगाया।
- आपराधिक साजिश – एफआईआर में आपराधिक साजिश रचने के आरोप की जाँच का उल्लेख है।
- सबूतों से छेड़छाड़ – सबूतों को नष्ट करना, दबाना और गढ़ना जैसे आरोप शामिल हैं।
- पोस्टमॉर्टम में देरी – पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में देरी और प्रक्रियात्मक खामियों की जाँच होगी।
- मोबाइल फोन और सीसीटीवी फुटेज में विरोधाभास – मौत के बाद भी दिशा का फोन कौन चला रहा था, इस जैसे विरोधाभासों की जाँच की जाएगी।
सीबीआई की कार्रवाई और अगले कदम
सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने के बाद जाँच शुरू कर दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर में किसी को भी आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया है; जाँच के दौरान यदि किसी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तभी आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिशा के पिता सतीश सालियान ने सीबीआई के सामने विस्तृत बयान दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने कई बड़े नेताओं, अभिनेताओं और पुलिस अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किया है। वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है कि इस जाँच से सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में भी नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
राजनीतिक और मीडिया प्रतिक्रिया
इस एफआईआर के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी पार्टियों ने मुंबई पुलिस की जाँच पर सवाल उठाए हैं, जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। मीडिया में इस मामले को सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि दिशा सुशांत की मैनेजर थीं और दोनों की मौत एक ही समय के आसपास हुई थी।
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