मोथाबाड़ी में ‘O+ Education’ पुस्तक का लोकार्पण, गर्भकालीन शिक्षा की अवधारणा पर जोर

15 अगस्त को मोथाबाड़ी के क्वेस्ट अकादमी ऑफ साइंस विद्यालय में लेखक सद्दाम हुसैन की पुस्तक ‘0+ Education’ का लोकार्पण हुआ। बंगरत्न सम्मानित शिक्षाविद शक्तिपद पात्र सहित कई विशिष्ट लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। शक्तिपद पात्र ने पुस्तक को गर्भकालीन शिक्षा पर केंद्रित अभिनव प्रयास बताते हुए विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, मनोविज्ञान और धार्मिक दर्शन के समन्वय की सराहना की।

Aug 20, 2026 - 22:49
Aug 20, 2026 - 23:19
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मोथाबाड़ी में ‘O+ Education’ पुस्तक का लोकार्पण, गर्भकालीन शिक्षा की अवधारणा पर जोर
मोथाबाड़ी में ‘O+ Education’ पुस्तक का लोकार्पण

मोथाबाड़ी में शब्दभूमि प्रकाशन से प्रकाशित ‘O+ Education’ का लोकार्पण, गर्भकालीन शिक्षा की अभिनव अवधारणा पर चर्चा

मालदा, पश्चिम बंगाल | 15 अगस्त 2026 | महान स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मोथाबाड़ी स्थित क्वेस्ट अकादमी ऑफ साइंस विद्यालय में लेखक सद्दाम हुसैन की चर्चित पुस्तक ‘O+ Education (जिरो प्लस एजुकेशन) का औपचारिक लोकार्पण किया गया। पुस्तक का प्रकाशन प्रतिष्ठित शब्दभूमि प्रकाशन द्वारा किया गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष समारोह में शिक्षा, साहित्य और समाज से जुड़े अनेक विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति रही। पुस्तक लोकार्पण समारोह में विशिष्ट शिक्षाविद एवं बंगरत्न सम्मान से सम्मानित वरिष्ठ शिक्षक शक्तिपद पात्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मृण्मय भट्टाचार्य, सुब्रता भट्टाचार्य धर सहित अनेक शिक्षानुरागी एवं विशिष्ट व्यक्तियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की और लेखक को शुभकामनाएं दीं।

शब्दभूमि प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तक शिक्षा के नए विमर्श को दे रही दस्तक

शब्दभूमि प्रकाशन से प्रकाशित ‘O+ Education’ शिक्षा के एक अपेक्षाकृत नए और महत्वपूर्ण आयाम गर्भकालीन शिक्षा एवं बच्चे के जन्म से पूर्व उसके विकास को केंद्र में रखती है। पुस्तक में इस अवधारणा को विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, मनोविज्ञान और धार्मिक दर्शन जैसे विभिन्न ज्ञान क्षेत्रों के संदर्भों के साथ समझने का प्रयास किया गया है। शब्दभूमि प्रकाशन की ओर से प्रकाशित इस कृति के माध्यम से लेखक ने यह विचार सामने रखा है कि बच्चे की शिक्षा और व्यक्तित्व-निर्माण की प्रक्रिया केवल जन्म के बाद से शुरू नहीं होती, बल्कि उसके विकास की प्रक्रिया को जन्म से पूर्व के चरणों से भी जोड़कर देखा जाना चाहिए।

शिक्षाविद शक्तिपद पात्र ने बताया अभिनव प्रयास

पुस्तक पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ शिक्षाविद एवं बंगरत्न सम्मान से सम्मानित शक्तिपद पात्र ने ‘O+ Education’ को लेखक का अभिनव प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि लेखक अंग्रेजी भाषा के शिक्षक हैं और विद्यालयी पाठ्यक्रम से संबंधित विषयों पर उनकी कई पुस्तकें पहले भी विद्यार्थियों के बीच सराही गई हैं। उनके अनुसार, इस पुस्तक में गर्भकालीन शिक्षा को एक व्यापक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। शक्तिपद पात्र ने पुस्तक की विषयवस्तु पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, मनोविज्ञान और धार्मिक दर्शन की विचारधाराओं का समन्वय दिखाई देता है। उनके अनुसार, लेखक ने बच्चे के निर्माण और शिक्षा की प्रक्रिया को जन्म से पहले शुरू होने वाली प्रक्रिया के रूप में देखने का एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।

विभिन्न ज्ञान-विषयों का समन्वय

शक्तिपद पात्र ने पुस्तक की शोधपरकता, स्पष्टता और प्रासंगिकता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लेखक ने चर्चा को किसी एक ज्ञान-विषय तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के विचारों को एक साथ रखकर चिंतन की व्यापक भूमि तैयार की है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि पुस्तक में विभिन्न विचारों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया है और लेखक ने किसी व्यक्तिगत अथवा पारंपरिक बंधी-बधाई धारणा को प्राथमिकता देने के बजाय तर्क एवं विचार को महत्व दिया है।

पाठक के चिंतन को जागृत करना उद्देश्य

शक्तिपद पात्र के अनुसार, पुस्तक का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पाठकों की अपनी सोच और चिंतन-प्रक्रिया को सक्रिय करना भी है। उन्होंने पुस्तक को व्यापक पाठक वर्ग के लिए उपयोगी बताते हुए इसे सर्वसाधारण के लिए पढ़ने योग्य कृति बताया।

लेखक ने जताया आभार

पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर लेखक सद्दाम हुसैन ने कहा कि महान स्वतंत्रता दिवस के दिन अपनी पुस्तक का औपचारिक प्रकाशन और लोकार्पण उनके लिए अत्यंत भावुक एवं स्मरणीय क्षण है। उन्होंने पुस्तक को प्रकाशित करने के लिए शब्दभूमि प्रकाशन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा समारोह में उपस्थित शिक्षाविदों, शिक्षानुरागियों, विशिष्ट अतिथियों और शुभचिंतकों के प्रति भी कृतज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि पुस्तक के प्रकाशन के इस महत्वपूर्ण अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक शक्तिपद पात्र जैसे सम्मानित शिक्षाविद का उपस्थित होकर पुस्तक के संबंध में मूल्यवान विचार व्यक्त करना उनके लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक है।

शब्दभूमि प्रकाशन से प्रकाशित ‘O+ Education’ का यह लोकार्पण स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिक्षा, बाल-विकास और गर्भकालीन शिक्षा जैसे विषयों को लेकर एक नए विमर्श की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I