बड़ाबाजार लाइब्रेरी में दुर्गावती चौधरी की शताब्दी पर काव्य गोष्ठी

रचनाकार भारत फाउंडेशन द्वारा बड़ाबाजार लाइब्रेरी में स्वर्गीय दुर्गावती चौधरी की शताब्दी जयंती के अवसर पर शताब्दी काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। संजय पंकज की अध्यक्षता और ब्रजेश कुमार त्रिपाठी की मुख्य आतिथ्य उपस्थिति में कलकत्ता, हुगली और हावड़ा के 75 से अधिक साहित्यकारों ने काव्य पाठ किया।

Sep 28, 2026 - 06:47
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बड़ाबाजार लाइब्रेरी में दुर्गावती चौधरी की शताब्दी पर काव्य गोष्ठी
बड़ाबाजार लाइब्रेरी में दुर्गावती चौधरी की शताब्दी पर काव्य गोष्ठी

कलकत्ता, हुगली और हावड़ा के 75 से अधिक साहित्यकारों ने दी काव्यात्मक प्रस्तुति

कोलकाता, 27 सितंबर 2026। रचनाकार भारत फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार को बड़ाबाजार लाइब्रेरी में स्वर्गीय दुर्गावती चौधरी की शताब्दी जयंती के अवसर पर भव्य शताब्दी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में कलकत्ता, हुगली एवं हावड़ा के 75 से अधिक साहित्यकारों ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से आयोजन को यादगार बनाया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुजफ्फरपुर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार संजय पंकज ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, CVO, COAL/CIL रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुशील साहिल, प्रेम शंकर त्रिपाठी, श्रीमती रेश्मी पांडा मुखर्जी एवं गिरिधर राय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मौसमी प्रसाद ने किया।

काव्य गोष्ठी में विभिन्न विधाओं और भावभूमियों से जुड़े रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नंदलाल रौशन, रंजीत भारती, सुरेन्द्र सिंह, पंकज राय, सूरज रजक, प्रणति ठाकुर, रंजना झा, वंदना पाठक, आलोक चौधरी, डॉ. राजन शर्मा, ओम प्रकाश चौबे, मनोज मिश्र, चंद्रिका प्रसाद अनुरागी, रीता मुखर्जी, वी. अरुणा, गौरीशंकर दास, तृष्णा यादव, नीतू शर्मा, रवि पारेख, कमल पुरोहित ‘अपरिचित’, जय कुमार रुसवा, दया शंकर मिश्र, मीतू कानोड़िया, विष्णु प्रिया त्रिवेदी, चंद्रभानु गुप्ता, राम नारायण झा ‘देहाती’, रमाकांत सिन्हा, रीमा पांडे, फौजिया अख्तर, रुपम महतो, मनोज राजेन्द्र मिश्र, सविता पोद्दार, रेखा डोर्लिया, शिव शंकर सिंह ‘सुमित’, अंजु मनोत, ऊषा टिबड़ेवाल, नागेन्द्र दुबे एवं जीवन सिंह सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।

कार्यक्रम में साहित्यकारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कोलकाता के हिंदी साहित्यिक परिवेश की सक्रियता और विविधता को रेखांकित किया। शताब्दी जयंती के अवसर पर आयोजित इस काव्य गोष्ठी ने स्वर्गीय दुर्गावती चौधरी के स्मरण को साहित्यिक अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए नई पीढ़ी और वरिष्ठ साहित्यकारों के बीच संवाद का अवसर भी प्रदान किया। कार्यक्रम के आयोजन एवं संयोजन में आलोक चौधरी, भारती मिश्रा, अध्यक्ष रचना सरन एवं सुरेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अंत में रचनाकार भारत फाउंडेशन के संस्थापक सुरेश चौधरी ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन साहित्य और सृजन के प्रति प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

 

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I