गांधीवादी शांति प्रतिनिधिमंडल और जापानी पीड़िता ने विश्व नेताओं से परमाणु हथियार खत्म करने की अपील

हिरोशिमा परमाणु बम हमले की स्मृति में जापान की पीड़िता तोशिका तनाका और हरिजन सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. शंकर कुमार सान्याल ने विश्व नेताओं से परमाणु हथियार समाप्त करने तथा वैश्विक शांति स्थापित करने की संयुक्त अपील जारी की।

Aug 6, 2026 - 13:43
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गांधीवादी शांति प्रतिनिधिमंडल और जापानी पीड़िता ने विश्व नेताओं से परमाणु हथियार खत्म करने की अपील
वैश्विक शांति स्थापित करने की संयुक्त अपील

नई दिल्ली/हिरोशिमा, 12 सितंबर 2025 हिरोशिमा पर 6 अगस्त 1945 को हुए विश्व के प्रथम परमाणु हमले की विभीषिका को स्मरण करते हुए जापान और भारत के शांति कार्यकर्ताओं ने विश्व नेताओं के नाम एक संयुक्त शांति अपील जारी की है। इस अपील में परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन तथा वैश्विक स्तर पर शांति संस्कृति के निर्माण का आह्वान किया गया है।

संयुक्त अपील पर हस्ताक्षर करने वालों में हिरोशिमा परमाणु बम विस्फोट की 89 वर्षीय जीवित पीड़िता श्रीमती तोशिका तनाका तथा भारत के हरिजन सेवक संघ (महात्मा गांधी द्वारा 1932 में स्थापित) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गांधीवादी शांति प्रतिनिधिमंडल के नेता प्रो. डॉ. शंकर कुमार सान्याल प्रमुख हैं।

अपील में कहा गया है कि 6 अगस्त 1945 की सुबह 8:15 बजे अमेरिकी बी-29 बमवर्षक विमान द्वारा हिरोशिमा पर गिराया गया परमाणु बम मानव इतिहास की सबसे भयावह त्रासदियों में से एक था। इस हमले में हजारों निर्दोष लोगों की तत्काल मृत्यु हुई, जबकि लाखों लोग वर्षों तक विकिरण के दुष्प्रभावों और शारीरिक-मानसिक पीड़ा से जूझते रहे।

संयुक्त वक्तव्य में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध तथा इज़राइल-फिलिस्तीन (गाज़ा एवं पश्चिमी तट) के संघर्ष यह स्पष्ट करते हैं कि विश्व अभी भी हिंसा और युद्ध के संकट से मुक्त नहीं हो सका है।

अपील में विश्व नेताओं से आग्रह किया गया है कि वे मानवता और समस्त जीव-जगत के हित में परमाणु हथियारों को सदा के लिए समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लें। वक्तव्य में कहा गया कि हिरोशिमा की त्रासदी मानव सभ्यता के लिए एक स्थायी चेतावनी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटना भविष्य में कभी दोहराई न जाए।

शांति अपील के अनुसार, हिरोशिमा में जान गँवाने वाले लोगों, उसके बाद युद्धों में पीड़ित सभी नागरिकों तथा विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई है। साथ ही यह विश्वास व्यक्त किया गया कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, करुणा और सह-अस्तित्व के सिद्धांत ही विश्व को स्थायी शांति की दिशा में ले जा सकते हैं।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से समर्थन

  • प्रो. डॉ. शंकर कुमार सान्याल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, हरिजन सेवक संघ
  • पी. मारुति, तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष, हरिजन सेवक संघ
  • संजय कुमार राय, सचिव, हरिजन सेवक संघ
  • शिखा सान्याल, पश्चिम बंगाल सचिव, हरिजन सेवक संघ

जापान की ओर से समर्थन

  • तोशिका तनाका, 89 वर्षीय हिरोशिमा परमाणु बम पीड़िता
  • केंटा सुमिओका, प्रबंध निदेशक, पीस कल्चर विलेज, हिरोशिमा
  • गेंटा टांगा (May Peace Prevail on Earth)

अपील के अंत में सभी हस्ताक्षरकर्ताओं ने एक स्वर में कहा, "आइए, हम मिलकर वैश्विक शांति संस्कृति का निर्माण करें। परमाणु हथियारों का हमेशा के लिए उन्मूलन हो। पृथ्वी पर शांति स्थापित हो।"

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I