कोलकाता के सेंट पॉल्स कॉलेज में हिंदी दिवस समारोह, प्रो. विनायक भट्टाचार्य ने हिंदी को बताया आत्मा की भाषा

सेंट पॉल्स कैथेड्रल मिशन कॉलेज, कोलकाता में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। उप-प्राचार्य प्रो. विनायक भट्टाचार्य ने हिंदी को देश की आत्मा की भाषा बताते हुए उसके वैश्विक स्वरूप पर प्रकाश डाला। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार पाण्डेय ने हिंदी के रोजगारपरक महत्व और राजभाषा के रूप में उसकी भूमिका पर विचार रखे। समारोह में काव्य आवृत्ति, कविता-पोस्टर, आशु भाषण, वाद-विवाद और हिंदी भाषा-साहित्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

Sep 16, 2026 - 20:22
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कोलकाता के सेंट पॉल्स कॉलेज में हिंदी दिवस समारोह, प्रो. विनायक भट्टाचार्य ने हिंदी को बताया आत्मा की भाषा
कोलकाता के सेंट पॉल्स कॉलेज में हिंदी दिवस समारोह

हिंदी देश की आत्मा की भाषा है’ : प्रो. विनायक भट्टाचार्य

कोलकाता, 16 सितंबर। सेंट पॉल्स कैथेड्रल मिशन कॉलेज में हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी विभाग की ओर से विविध साहित्यिक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के उप-प्राचार्य प्रो. विनायक भट्टाचार्य ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में हिंदी के भाषायी स्वरूप और उसके विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा, हिंदी देश की आत्मा की भाषा मानी जाती है। इस आत्मा में भारतीय एवं विदेशी भाषाओं के शब्दों रूपी रस का संचार निरंतर होता रहा है, जिससे यह वर्तमान में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी और शक्तिशाली भाषा बनकर वैश्विक पटल पर उभरी है।

उन्होंने हिंदी को भारतीय भाषायी एवं सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि भाषा का विकास निरंतर संवाद, आदान-प्रदान और विभिन्न भाषाओं के शब्दों के समावेश से होता है। उनके वक्तव्य में हिंदी की समकालीन वैश्विक उपस्थिति और उसके व्यापक भाषायी स्वरूप को रेखांकित किया गया।

रोजगार के नए अवसरों की भाषा बन रही हिंदी

हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार पाण्डेय ने स्वागत वक्तव्य में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय रोजगारपरक भाषाओं के वर्चस्व का समय है और हिंदी भी अपने लिए रोजगार के नए अवसर निर्मित कर रही है। उन्होंने हिंदी के ऐतिहासिक विकास पर विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित करते हुए राजभाषा के रूप में हिंदी के महत्व और आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन को केवल साहित्य तक सीमित न रखते हुए उसके व्यावहारिक और रोजगारपरक पक्षों को भी समझने के लिए प्रेरित किया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

हिंदी दिवस समारोह के दौरान विद्यार्थियों की भाषायी, साहित्यिक और रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने के उद्देश्य से कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें काव्य आवृत्ति प्रतियोगिता, कविता-पोस्टर प्रतियोगिता, आशु भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, हिंदी भाषा एवं साहित्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 25 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने कविता-पाठ, वक्तृत्व, तर्क-वितर्क, रचनात्मक अभिव्यक्ति तथा हिंदी भाषा एवं साहित्य संबंधी अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया।

विद्यार्थियों को किया गया पुरस्कृत

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कृत विद्यार्थियों में नारायण पाण्डेय, रोहित मिश्रा, पलक सिंह, सुमेधा साव, सुमन गोंड, ज्योति दास, के. अंजु राव, निकिता शर्मा, प्रिया झा, अमरनाथ राय, अनिकेत आदि शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कॉलेज के विद्यार्थियों ने अतिथियों का स्वागत किया।

प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता

कार्यक्रम का संचालन प्रो. आरती यादव और प्रो. परमजीत पंडित ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. प्रीतम रजक ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापकों में डॉ. सुतानुका सेनगुप्ता, डॉ. शेख मकबूल इस्लाम, डॉ. रुथ रिया खान, डॉ. शुभोदीप सरकार, प्रो. अनंदिता सरकार और प्रो. श्यामोश्री मुखर्जी सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। समारोह को सफल बनाने में जितेन्द्र नायक, मनोज, दिलीप और सुमेन सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम ने हिंदी दिवस को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को हिंदी भाषा, साहित्य, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।

 

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I