हिंदी दिवस पर विवेकानंद कॉलेज फॉर विमेन में संगोष्ठी, रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा

कोलकाता के विवेकानंद कॉलेज फॉर विमेन में हिंदी विभाग एवं आईक्यूएसी की ओर से हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। ‘हिंदी भाषा और रोजगार की संभावनाएं’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में विद्यासागर विश्वविद्यालय के डॉ. संजय जायसवाल ने हिंदी को भारतीय भाषाओं के बीच सेतु बताते हुए हिंदी दिवस को भारतीय भाषा दिवस के रूप में मनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला और संस्कृत विभाग की छात्राओं ने सहभागिता की तथा काव्य पाठ प्रस्तुत किया।

Sep 15, 2026 - 22:32
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हिंदी दिवस पर विवेकानंद कॉलेज फॉर विमेन में संगोष्ठी, रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा
वक्तव्य देते हुए डॉ. संजय जायसवाल

डॉ. संजय जायसवाल बोलेहिंदी भारतीय भाषाओं के बीच सेतु, हिंदी दिवस को भारतीय भाषा दिवस के रूप में मनाने की जरूरत

कोलकाता, 15 सितंबर। विवेकानंद कॉलेज फॉर विमेन में कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग एवं आईक्यूएसी की ओर से हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिंदी भाषा और रोजगार की संभावनाएं विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें हिंदी भाषा के वर्तमान महत्व, भारतीय भाषाओं के बीच उसके संबंध तथा हिंदी के माध्यम से रोजगार के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के विद्यासागर सभागार में संगीत विभाग की प्राध्यापिका डॉ. सुदक्षिणा मन्ना चक्रवर्ती एवं सहयोगी विद्यार्थियों द्वारा वंदे मातरम् के सामूहिक संगीत गायन से हुई।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि हिंदी भारतीय भाषाओं का आंगन है। उन्होंने हिंदी दिवस को भारतीय भाषाओं के व्यापक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि आज हिंदी दिवस को भारतीय भाषा दिवस के तौर पर मनाने की जरूरत है। उनके अनुसार हिंदी भारतीय भाषाओं के बीच एक सेतु का कार्य करती है।

डॉ. जायसवाल ने हिंदी में उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा और साहित्य में दक्षता तथा ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थी अध्यापन, अनुवाद, दुभाषिया कार्य, राजभाषा अधिकारी, हिंदी सहायक, पत्रकारिता, सिनेमा, संगीत, वाणिज्य, कंटेंट राइटिंग, तकनीकी शिक्षा, डबिंग, फ्रीलांसिंग, सांस्कृतिक राजदूत, वेबसाइट डिजाइन, न्यूज पोर्टल, ई-लर्निंग और निजी क्षेत्र सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एक से अधिक भाषाओं का ज्ञान रोजगार की संभावनाओं को और व्यापक बनाता है। विद्यार्थियों को हिंदी के साथ अन्य भारतीय एवं विदेशी भाषाओं का ज्ञान प्राप्त करने पर भी ध्यान देना चाहिए।

हिंदी और बंगाल के संबंध का उल्लेख करते हुए डॉ. जायसवाल ने कहा कि हिंदी और बंगाल का संबंध नवजागरणकालीन है। बंगाल में हिंदी भाषा एवं साहित्य के विकास की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही है और दोनों भाषाओं के बीच लंबे समय से साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संवाद कायम रहा है।

इस अवसर पर बांग्ला विभाग की अध्यापिका डॉ. सपना रॉय ने कहा कि हिंदी देश की राजभाषा होने के साथ-साथ संपर्क की भाषा भी है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के लिए हिंदी ऐसी भाषा है जिसके माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों और प्रांतों के लोग एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं तथा अपने विचारों की अभिव्यक्ति कर सकते हैं।

हिंदी दिवस के अवसर पर छात्राओं सुकन्या भद्र, टुआसा मंडल, प्रीति कुमारी, करिश्मा कुमारी साव और शर्मिला मंडल ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को साहित्यिक और सांस्कृतिक आयाम प्रदान किया। कार्यक्रम में हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला और संस्कृत विभाग की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने हिंदी दिवस के आयोजन को बहुभाषिक एवं सांस्कृतिक संवाद का स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन हिंदी विभाग की शिक्षिका स्नेहलता सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संस्कृत विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिजीत मंडल ने किया।

 

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I