प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में 164वें हिंदी भाषा संवर्धनात्मक कार्यक्रम का शुभारंभ

प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय, कोलकाता में केंद्रीय हिंदी संस्थान के भुवनेश्वर केंद्र के सहयोग से 164वें हिंदी भाषा संवर्धनात्मक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 12 दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाना और भाषा-कौशल को विकसित करना है।

Sep 14, 2026 - 14:56
 0
प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में 164वें हिंदी भाषा संवर्धनात्मक कार्यक्रम का शुभारंभ

कोलकाता, 14 सितंबर 2026 केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के भुवनेश्वर केंद्र (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) एवं प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 164वें हिंदी भाषा संवर्धनात्मक कार्यक्रम का उद्घाटन सोमवार को प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग स्थित राजेंद्र प्रसाद सभागार में हुआ। हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित यह 12 दिवसीय कार्यक्रम 14 से 25 सितंबर 2026 तक चलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि विकसित करना तथा हिंदी के अध्ययन-अध्यापन और भाषा-कौशल को समृद्ध बनाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिंद्य गंगोपाध्याय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्वागत वक्तव्य दिया। उन्होंने हिंदी भाषा के अध्ययन, शिक्षण और संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. निर्माल्य नारायण चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में हिंदी दिवस की प्रासंगिकता रेखांकित की। उन्होंने हिंदी भाषा के योगदान तथा उसकी व्यापक संप्रेषणीय भूमिका पर विचार व्यक्त किए। केंद्रीय हिंदी संस्थान, भुवनेश्वर केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रंजन कुमार दास ने आगामी 12 दिनों में आयोजित होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और संवर्धन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम में हिंदी महाविद्यालय, हैदराबाद के विशेष अतिथि डॉ. चंद्रप्रताप सिंह ने हिंदी भाषा एवं शिक्षण-पद्धति पर विचार रखते हुए हिंदी शिक्षण को अधिक प्रभावी तथा विद्यार्थी-केंद्रित बनाए जाने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम का संचालन प्रतीक्षा मुखर्जी एवं पीयूष साव ने किया, जबकि डॉ. ऋषि भूषण चौबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. वेदरमण, डॉ. कमल कुमार, डॉ. श्रीपर्णा तरफदार, डॉ. रीना सिंह, पूजा प्रसाद, मैथिली झा, चिरंतनी बासु, सरन्या दासमुंशी, राघव डागा, सत्यम पांडेय सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I