विद्यासागर विश्वविद्यालय में ‘उद्यमिता: अवसर एवं चुनौतियाँ’ पर विशेष व्याख्यान
विद्यासागर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान में कुलपति प्रो. दीपक कुमार कर और उद्यमी पार्थ सारथी मंडल ने रोजगार सृजन, नवाचार तथा प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों की चुनौतियों पर विचार साझा किए।
मिदनापुर, 28 अक्तूबर 2026। विद्यासागर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग की ओर से बुधवार को ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार में ‘उद्यमिता: अवसर एवं चुनौतियाँ’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं, व्यवसाय स्थापित करने की चुनौतियों तथा सफल उद्यम संचालन के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12:30 बजे पौधे को जल अर्पित करके किया गया। यह पहल विकास, सतत प्रगति और नए विचारों के पोषण का प्रतीक रही। इसके पश्चात प्रो. अभिजीत सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया और अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
अपने उद्घाटन संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीपक कुमार कर ने उद्यमिता के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार सृजित करने वाला बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता रोजगार सृजन, नवाचार और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता स्पंदन हॉस्पिटल डायग्नोस्टिक सेंटर प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक निदेशक एवं उद्यमी पार्थ सारथी मंडल ने अपने उद्यमशील जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने शून्य से शुरुआत कर अपने व्यवसाय का आठ राज्यों तक विस्तार किया है। उनकी यात्रा उद्यमिता में दूरदृष्टि, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास की महत्ता को दर्शाती है।
मंडल ने विशेष रूप से प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऐसे उद्यमियों को प्रायः पारिवारिक व्यवसाय की विरासत, स्थापित व्यावसायिक नेटवर्क और पूर्व अनुभव का लाभ नहीं मिल पाता। इन परिस्थितियों में व्यावहारिक सोच, उचित रणनीति और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से व्यावसायिक समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमिता की वास्तविक परिस्थितियों और व्यवसाय संचालन की चुनौतियों से भी परिचित कराया।
कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए गए। इस संवाद के माध्यम से उद्यमिता से जुड़ी व्यावहारिक जिज्ञासाओं पर चर्चा हुई। समापन वक्तव्य में प्रो. ब्रजबल्लभ पाल ने समकालीन व्यावसायिक परिवेश में उद्यमिता के प्रति जागरूकता विकसित करने और नई पहल करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का संयोजन वाणिज्य विभाग के प्रो. तारक नाथ साहू ने किया। इस विशेष व्याख्यान ने विद्यार्थियों को उद्यमिता को करियर के एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में समझने तथा रोजगार सृजन और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
What's Your Reaction?

