कोलकाता में ‘वोट बैंक की राजनीति और देश का विकास’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता
रचनाकार संस्था द्वारा कोलकाता में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रभाकर कुमार साव प्रथम, स्वीटी कुमारी महतो द्वितीय और सुहानी शर्मा तृतीय रहीं।
रचनाकार की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पहल में युवाओं ने रखे लोकतंत्र, विकास और राष्ट्र निर्माण पर विचार
कोलकाता, 7 जून 2026। अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘रचनाकार : एक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्रांति’ द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता शृंखला की दूसरी कड़ी का सफल आयोजन रविवार को कोलकाता स्थित स्योना एक्सपीरियंस कैफे में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का विषय था ‘वोट बैंक की राजनीति और देश का विकास’। समकालीन भारतीय राजनीति और लोकतांत्रिक विमर्श से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का संयोजन संस्था के सक्रिय सदस्य एवं शिक्षक विनोद यादव ने किया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने वोट बैंक की राजनीति, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक विकास, युवा सहभागिता तथा राष्ट्र निर्माण जैसे विविध आयामों पर तार्किक एवं तथ्यपरक विचार रखे। विद्यार्थियों ने अपने भाषणों में लोकतंत्र की चुनौतियों, राजनीतिक दलों की रणनीतियों तथा विकास के समक्ष उपस्थित प्रश्नों पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रचनाकार संस्था के संस्थापक एवं सभापति सुरेश चौधरी, अध्यक्ष रचना सरन, मीडिया प्रभारी सुरेंद्र सिंह, सदस्य डॉ. ऊषा पाण्डेय ‘शुभांगी’, पूर्णिमा जायसवाल, राधा गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी सुशील कुमार पांडेय तथा आकाश गुप्ता शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने प्रभावशाली ढंग से किया।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के भाषणों का मूल्यांकन विषय की समझ, तार्किकता, अभिव्यक्ति क्षमता, तथ्यपरकता, आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल के आधार पर किया गया। निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और अधिक अध्ययन, चिंतन एवं प्रभावी वक्तृत्व कौशल विकसित करने की प्रेरणा दी।
कड़े मुकाबले के बाद बाबासाहेब अंबेडकर एजुकेशन यूनिवर्सिटी के छात्र प्रभाकर कुमार साव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एलीट बी.एड. कॉलेज की छात्रा स्वीटी कुमारी महतो द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि हिंदी विश्वविद्यालय की सुहानी शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त चाँदनी झा, निधि कुमारी सिंह, भूमि श्रीवास्तव, अनुराधा कुमारी भगत तथा प्रिया पांडेय ‘रोशनी’ को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में पत्रकार एवं योगगुरु विनय जायसवाल की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। स्वागत वक्तव्य एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्था की अध्यक्ष रचना सरन ने प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में संस्थापक सुरेश चौधरी ने प्रतिभागियों को केवल विषय को रटने के बजाय उसे गहराई से समझने, अध्ययन करने और स्वतंत्र चिंतन विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा वही है जो व्यक्ति में प्रश्न करने और तर्कपूर्ण विचार रखने की क्षमता विकसित करे।
निर्णायक मंडल के सदस्यों ने भी प्रतिभागियों को प्रभावी वक्तृत्व कला, तार्किक प्रस्तुति, भाषा की शुद्धता तथा सार्वजनिक अभिव्यक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण, सम्मान समारोह और सामूहिक संवाद के साथ हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं उपस्थित जनों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया।
रचनाकार संस्था द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना, वैचारिक संवाद और सार्वजनिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
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