भारत सरकार की टैगोर नेशनल फेलोशिप 2026-27: सांस्कृतिक शोधकर्ताओं के लिए सुनहरा अवसर, प्रतिमाह ₹80,000 तक मानदेय

संस्कृति मंत्रालय ने Tagore National Fellowship for Cultural Research 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित फेलो को ₹80,000 और रिसर्च स्कॉलर्स को ₹50,000 तक प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 है।

Jun 16, 2026 - 06:36
Jun 16, 2026 - 06:41
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भारत सरकार की टैगोर नेशनल फेलोशिप 2026-27: सांस्कृतिक शोधकर्ताओं के लिए सुनहरा अवसर, प्रतिमाह ₹80,000 तक मानदेय
Tagore National Fellowship 2026-27

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture) ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रतिष्ठित ‘Tagore National Fellowship for Cultural Research (TNFCR)’ के अंतर्गत आवेदन और नामांकन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक संस्थाओं को सशक्त बनाना, शोध को प्रोत्साहित करना तथा अनुभवी विद्वानों और शोधकर्ताओं के ज्ञान एवं अनुभव का उपयोग राष्ट्रीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में करना है। इस योजना के अंतर्गत दो श्रेणियों- टैगोर नेशनल फेलो (Tagore National Fellows) तथा टैगोर रिसर्च स्कॉलर्स (Tagore Research Scholars) का चयन किया जाएगा। चयनित फेलो को प्रतिमाह ₹80,000 तथा रिसर्च स्कॉलर्स को ₹50,000 तक का मानदेय प्रदान किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

सांस्कृतिक शोध को नई ऊर्जा देने की पहल

संस्कृति मंत्रालय द्वारा शुरू की गई यह योजना देश की सांस्कृतिक संस्थाओं में शोध गतिविधियों को पुनर्जीवित करने और उन्हें नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से ऐसे विद्वानों को अवसर दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में मौलिक शोध, पुस्तकों और प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित लेखों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। विशेष बात यह है कि यह योजना भारतीय और विदेशी दोनों नागरिकों के लिए खुली है।

क्या है टैगोर नेशनल फेलोशिप फॉर कल्चरल रिसर्च?

Tagore National Fellowship for Cultural Research (TNFCR) संस्कृति मंत्रालय की एक प्रतिष्ठित शोध योजना है, जिसे देश की प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं की बौद्धिक क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत चयनित विद्वान देश की नामित (Nodal) संस्थाओं के साथ मिलकर सांस्कृतिक विषयों पर शोध करेंगे और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण, अध्ययन तथा संरक्षण में योगदान देंगे।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना के अनुसार आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताएँ पूरी करनी होंगी-

  • भारतीय अथवा विदेशी नागरिक होना चाहिए।
  • मजबूत शैक्षणिक अथवा पेशेवर उपलब्धियाँ होनी चाहिए।
  • संबंधित क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
  • प्रतिष्ठित एवं समीक्षित (Refereed) जर्नलों में मौलिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हों।
  • पुस्तकों अथवा शोध प्रकाशनों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किया हो।

पुरस्कारों की दो श्रेणियाँ

1. टैगोर नेशनल फेलो (Tagore National Fellows)

यह योजना वरिष्ठ और प्रतिष्ठित विद्वानों के लिए है।

सुविधाएँ: प्रतिमाह मानदेय: ₹80,000, प्रतिवर्ष पुरस्कारों की संख्या: अधिकतम 15

2. टैगोर रिसर्च स्कॉलर्स (Tagore Research Scholars)

यह श्रेणी अपेक्षाकृत युवा एवं सक्रिय शोधकर्ताओं के लिए निर्धारित है।

सुविधाएँ: प्रतिमाह मानदेय: ₹50,000 तक, प्रतिवर्ष पुरस्कारों की संख्या: अधिकतम 25

आवेदन प्रक्रिया क्या है?

उम्मीदवारों को अपनी शोध विषय-वस्तु के अनुरूप किसी एक नोडल संस्था (Nodal Institution) का चयन करना होगा और वहीं आवेदन भेजना होगा। आवेदन करते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है- आवेदन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूर्ण रूप से भरा हुआ हो। संबंधित नोडल संस्था को सीधे भेजा जाए। निर्धारित समय सीमा का पालन किया जाए।

महत्वपूर्ण निर्देश

संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, आवेदकों को अपने आवेदन की प्रति संस्कृति मंत्रालय अथवा प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) को भेजने की आवश्यकता नहीं है। यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल और व्यवस्थित बनी रहे।

अंतिम तिथि

15 जुलाई 2026 निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन बिना किसी विचार के अस्वीकार कर दिए जाएंगे।

आवेदन कहाँ से प्राप्त करें?

योजना की विस्तृत जानकारी, आवेदन प्रपत्र और नोडल संस्थाओं की सूची निम्नलिखित वेबसाइटों पर उपलब्ध है- संस्कृति मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट। प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) की वेबसाइट। आवेदकों को आवेदन करने से पूर्व सभी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी गई है।

सांस्कृतिक शोधकर्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अवसर?

यह फेलोशिप केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत के अध्ययन और संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का अवसर भी प्रदान करती है। इसके प्रमुख लाभ हैं- प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फेलोशिप प्राप्त करने का अवसर। सांस्कृतिक संस्थानों के साथ कार्य करने का अनुभव। शोध कार्य के लिए सम्मानजनक मानदेय। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान। भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में योगदान।

निष्कर्ष

भारत की सांस्कृतिक परंपराएँ और विरासत विश्व की सबसे समृद्ध धरोहरों में से एक हैं। ऐसे समय में जब सांस्कृतिक अध्ययन को नई दृष्टि और शोध की आवश्यकता है, Tagore National Fellowship for Cultural Research 2026-27 विद्वानों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आई है। यदि आपने अपने क्षेत्र में गंभीर शोध कार्य किया है और भारतीय संस्कृति के अध्ययन में योगदान देना चाहते हैं, तो यह फेलोशिप आपके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

संस्कृति केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य की पहचान भी है।

 

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I