डोंबिवली में टूटी सड़क बनी जनआक्रोश का केंद्र
डोंबिवली वेस्ट के सुभाष रोड पर दो साल से चल रहे अधूरे कंक्रीटिंग और सीवरेज कार्य के खिलाफ MNS पार्षद प्रहलाद म्हात्रे ने भूख हड़ताल शुरू की। नागरिक धूल, गड्ढों और बरसात में जलभराव की आशंका से परेशान हैं।
डोंबिवली सुभाष रोड पर भूख हड़ताल : टूटी सड़क और धीमे निर्माण कार्य पर नागरिकों का गुस्सा
डोंबिवली, महाराष्ट्र। डोंबिवली वेस्ट के व्यस्त सुभाष रोड पर पिछले दो वर्षों से चल रहे कंक्रीटिंग और सीवरेज कार्य की सुस्त गति अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सड़क का अधिकांश हिस्सा अब भी खुदा हुआ, ऊबड़-खाबड़ और धूल से भरा पड़ा है। बरसात से ठीक पहले नागरिकों की बढ़ती परेशानियों को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार सुबह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के पार्षद प्रहलाद म्हात्रे ने सुभाष रोड पर जमीन पर बैठकर भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके साथ उनकी बेटी एडवोकेट वेदांगी म्हात्रे और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
“छह महीने से अधिकारियों को जगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं”
भूख हड़ताल के दौरान प्रहलाद म्हात्रे ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से वे MMRDA और कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) के अधिकारियों को लगातार काम जल्द पूरा करने के निर्देश देते रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में हो रही देरी ने स्थानीय नागरिकों का जीवन संकट में डाल दिया है। अगर बरसात शुरू होने से पहले सड़क का काम पूरा नहीं हुआ तो वे कीचड़ में बैठकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।
धूल, गड्ढे और हादसे : नागरिकों का जीवन बेहाल
स्थानीय नागरिकों के अनुसार सड़क पर लगातार खुदाई और अधूरा निर्माण कार्य लोगों के लिए रोजाना की परेशानी बन चुका है।
धूल और प्रदूषण
सड़क पर उड़ती धूल घरों, दुकानों और कार्यालयों तक पहुंच रही है। लोगों का कहना है कि दिनभर धूल के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों का आरोप है कि ग्राहकों की संख्या लगातार कम हो रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
दुर्घटनाओं का खतरा
गड्ढों और असमतल रास्तों के कारण दोपहिया वाहन चालक लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। कई पैदल यात्री भी फिसलकर घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है।
बरसात से बढ़ेगा संकट
नागरिकों को सबसे बड़ा डर आगामी मानसून को लेकर है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो बारिश के दौरान पूरा इलाका दलदल में बदल जाएगा। इससे जलभराव, मच्छरों का प्रकोप और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन पर गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि MMRDA और KDMC के बीच समन्वय की कमी तथा कॉन्ट्रैक्टरों की लापरवाही के कारण परियोजना लगातार विलंबित हो रही है। नागरिकों का कहना है कि दो वर्षों से सड़क खुदी होने के बावजूद काम की गति बेहद धीमी है और जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं। प्रहलाद म्हात्रे ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
BJP नेताओं ने भी दी आंदोलन की चेतावनी
इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। BJP कार्यकर्ता अनमोल म्हात्रे और अश्विनी म्हात्रे ने भी चेतावनी दी है कि यदि महाराष्ट्रनगर क्षेत्र की रुकी हुई कंक्रीट सड़क का काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो वे भी भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सड़क निर्माण का मुद्दा अब स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा विषय बन चुका है।
व्यापारियों और स्थानीय लोगों का समर्थन
सुभाष रोड के व्यापारी और स्थानीय निवासी खुलकर आंदोलन के समर्थन में सामने आए हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से वे प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हैं। व्यापारियों के अनुसार सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है। वहीं स्थानीय परिवारों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है। नागरिकों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों के आंदोलन के बाद ही प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है।
बरसात से पहले समाधान की माँग
डोंबिवली में सुभाष रोड का यह मामला अब केवल सड़क निर्माण का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और शहरी अव्यवस्था का प्रतीक बन चुका है।
What's Your Reaction?

