हावड़ा ने अपने गौरव हरियाणा के राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष का किया नागरिक अभिनंदन
रोटरी क्लब ऑफ हावड़ा, हरिजन सेवक संघ और अन्य संस्थाओं ने हरियाणा के राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष का भव्य नागरिक अभिनंदन किया। समारोह में शिक्षा, संविधान और जनसेवा में उनके योगदान को सम्मानित किया गया।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष का नागरिक सम्मान, शिक्षा, संवैधानिक मूल्यों और जनसेवा को मिला ऐतिहासिक अभिनंदन
हावड़ा। पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक नगर हावड़ा ने गुरुवार को एक ऐसे नागरिक सम्मान समारोह का साक्षी बनकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया, जिसमें अपनी ही मिट्टी से निकले एक विद्वान शिक्षक, शिक्षाविद, सामाजिक चिंतक और संवैधानिक पदाधिकारी का अभिनंदन पूरे सम्मान और आत्मीयता के साथ किया गया। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष के सम्मान में आयोजित ‘नागरिक स्वागत और सम्मान समारोह’ केवल एक औपचारिक अभिनंदन नहीं, बल्कि शिक्षा, नैतिक नेतृत्व, सार्वजनिक जीवन और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समाज की सामूहिक कृतज्ञता का सार्वजनिक उत्सव बन गया।
गरिमामयी शुरुआत, राष्ट्रभक्ति के स्वर से हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम का संचालन स्वागता सान्याल लाहिड़ी ने किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज का दिन केवल एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति का अभिनंदन नहीं, बल्कि हावड़ा की उस मिट्टी का सम्मान है जिसने एक शिक्षक को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक तक पहुँचाया। उन्होंने कहा, "वे केवल एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद या संवैधानिक पदाधिकारी नहीं हैं, बल्कि बंगाल का गौरव और हावड़ा की धरती के सपूत हैं। उनकी यात्रा समर्पण, विद्वता और निस्वार्थ सार्वजनिक सेवा की प्रेरक गाथा है।" इसके बाद उपस्थित सभी अतिथियों ने खड़े होकर 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन के साथ समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया।
हावड़ा की मिट्टी से राजभवन तक का प्रेरणादायी सफर
समारोह के दौरान वक्ताओं ने प्रो. अशीम कुमार घोष के जीवन को शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और सार्वजनिक जीवन के आदर्शों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने एक शिक्षक, प्राध्यापक, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वर्षों तक समाज को दिशा दी। राजनीति और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहते हुए भी उन्होंने शिक्षक की सादगी, अनुशासन और नैतिकता को कभी नहीं छोड़ा। उनका हरियाणा के राज्यपाल के रूप में चयन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समूचे पश्चिम बंगाल और विशेष रूप से हावड़ा के लिए गर्व का विषय है।
डॉ. शंकर कुमार सान्याल ने साझा की दशकों पुरानी स्मृतियाँ
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. डॉ. शंकर कुमार सान्याल, जो रोटरी क्लब ऑफ हावड़ा के अध्यक्ष तथा हरिजन सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, ने अपने संबोधन में प्रो. घोष के साथ 1972 से जुड़े लंबे सामाजिक और संगठनात्मक संबंधों को याद किया। उन्होंने बताया कि वे पाँच दशकों से अधिक समय से विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से साथ कार्य करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. घोष ने शिक्षा जगत, सामाजिक कार्य और सार्वजनिक जीवन में सदैव संतुलित, अनुशासित और मूल्यनिष्ठ नेतृत्व प्रस्तुत किया। डॉ. सान्याल ने यह भी बताया कि मूल रूप से समारोह हावड़ा के एक अन्य स्थान पर प्रस्तावित था, किंतु परिस्थितियों के कारण इसे बाली स्थित हनुमान भक्त मंडल परिसर में आयोजित किया गया।
विधायक संजय सिंह ने कहा, 'वे हमेशा शिक्षक की तरह मार्गदर्शन करते रहे'
समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं विधायक संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने प्रो. अशीम कुमार घोष को केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि सदैव एक शिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में देखा। उन्होंने कहा, "जब वे सक्रिय राजनीति में थे, तब भी वे हमें संगठन में शिक्षक की तरह समझाते थे कि कौन-सा कार्य उचित है और कौन-सा नहीं।" उन्होंने बाली विधानसभा क्षेत्र में राज्यपाल के आगमन को सौभाग्य बताते हुए भविष्य में एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए पुनः आमंत्रित करने की घोषणा भी की।
सम्मान-पत्र का वाचन: शिक्षा, संविधान और जनसेवा को नमन
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण वह रहा जब अजीत अग्रवाल ने सम्मान-पत्र का वाचन किया। सम्मान-पत्र में कहा गया कि प्रो. घोष का जीवन ज्ञान, विनम्रता और नैतिक नेतृत्व का आदर्श है। उन्होंने उच्च शिक्षा, संस्थागत विकास और सार्वजनिक प्रशासन में उल्लेखनीय योगदान दिया। संविधान, न्याय, समानता, समावेशिता और विधि के शासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय है। उनका नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। हरियाणा के राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल लोकतांत्रिक संस्थाओं को और सुदृढ़ करेगा। सम्मान-पत्र में ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के लिए निरंतर शक्ति प्रदान करने की कामना भी की गई।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख थे- हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष, कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक साहा राय (सेवानिवृत्त), विधायक संजय सिंह, रोटरी क्लब ऑफ हावड़ा के पदाधिकारी, हरिजन सेवक संघ के प्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि।
शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों का सार्वजनिक उत्सव
पूरे कार्यक्रम में बार-बार यह संदेश उभरकर सामने आया कि किसी समाज की वास्तविक शक्ति उसके शिक्षकों, विद्वानों और नैतिक नेतृत्व में निहित होती है। राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष का नागरिक अभिनंदन केवल किसी संवैधानिक पद का सम्मान नहीं था, बल्कि ज्ञान, सत्यनिष्ठा, सेवा और संविधान के प्रति समर्पित जीवन का सार्वजनिक अभिनंदन था। हावड़ा ने इस अवसर पर यह संदेश दिया कि समाज अपने उन व्यक्तित्वों को कभी नहीं भूलता, जिन्होंने शिक्षा, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण को जीवन का उद्देश्य बनाया।
कार्यक्रम में महेश जायसवाल, अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के महासचिव डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, प्रभात मिश्रा, अरबिंद मिश्रा सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता मेंआकाश गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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