जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ में मनाई गई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती
कोलकाता के जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ (बॉयज़) हाई स्कूल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर स्मरणोत्सव, श्रद्धांजलि, छात्र भाषण और चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों ने चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से याद किया महान शिक्षाविद् और राष्ट्रचिंतक
कोलकाता, 6 जुलाई। कोलकाता स्थित जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ (बॉयज़) हाई स्कूल में सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर 'स्मरणोत्सव' कार्यक्रम का आयोजन देशभक्ति और श्रद्धा के वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनके जीवन, विचारों तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधुरिमा चंद्रा द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद विद्यालय के सभी शिक्षकों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापिका मधुरिमा चंद्रा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान शिक्षाविद्, कुशल प्रशासक और प्रखर राष्ट्रवादी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि धारा 370 के विरोध में डॉ. मुखर्जी ने ‘एक देश, एक विधान’ का नारा दिया और इसी सिद्धांत के समर्थन में वर्ष 1953 में बिना परमिट कश्मीर में प्रवेश कर सत्याग्रह किया। 23 जून 1953 को श्रीनगर में उनका निधन हुआ, जिसे अनेक लोग राष्ट्र की एकता के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में स्मरण करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, व्यक्तित्व और विचारों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर छात्रों द्वारा तैयार की गई चित्र प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में डॉ. मुखर्जी के जीवन की विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं और सार्वजनिक जीवन को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसकी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सराहना की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कौशिक साधुखान, नितेश्वर चौधरी, सुनीता राउत, गिरिजेश शर्मा, राजेश शर्मा, राजेंद्र रजक, मो. इब्राहिम, मृत्युंजय सिंह, सुमन कुमार दास तथा बब्लू सिंह सहित विद्यालय के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन विनोद यादव ने किया।
समापन पर विद्यालय परिवार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए शिक्षा, राष्ट्रसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया।
What's Your Reaction?

