युवा शोधार्थियों के लिए राष्ट्रीय अवसर, ₹1.25 लाख तक के पुरस्कार

CAG और ICSSR द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रिसर्च आर्टिकल प्रतियोगिता में UG/PG विद्यार्थी और डॉक्टोरल स्कॉलर्स भाग ले सकते हैं। ₹1.25 लाख तक के पुरस्कार, दो-स्तरीय प्रतियोगिता और विकसित भारत 2047 के लिए शोध का अवसर।

Jun 18, 2026 - 22:57
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युवा शोधार्थियों के लिए राष्ट्रीय अवसर, ₹1.25 लाख तक के पुरस्कार
CAG और ICSSR द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रिसर्च आर्टिकल प्रतियोगिता

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक तथा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद ने संयुक्त रूप से देशभर के युवा शोधार्थियों के लिए ‘CAG–ICSSR Research Article Competition’ की घोषणा की है। यह पहल ‘Viksit Bharat@2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सामाजिक विज्ञान आधारित नीतिगत शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोधार्थी विद्यार्थियों को सार्वजनिक वित्त, स्थानीय शासन, सामाजिक क्षेत्र के व्यय और रोजगार जैसे विषयों पर शोध लेख प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता दो चरणों राज्य/केंद्रशासित प्रदेश स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाएगी, जिसमें विजेताओं को आकर्षक नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

विकसित भारत के लिए शोध का आह्वान

भारत सरकार की संस्थाओं द्वारा युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता को सम्मानित करना नहीं है, बल्कि ऐसे शोध विचारों को सामने लाना भी है जो भविष्य के भारत के विकास में उपयोगी सिद्ध हो सकें। पोस्टर में उल्लिखित टैगलाइन ‘Research Today. Influence Tomorrow.’ युवा शोधार्थियों को यह संदेश देती है कि आज किया गया शोध आने वाले भारत की नीतियों और प्रशासनिक संरचनाओं को दिशा दे सकता है।

प्रतियोगिता के प्रमुख विषय

प्रतियोगिता निम्नलिखित चार विषयों पर आयोजित की जा रही है-

1. Fiscal Federalism and Governance

  • केंद्र एवं राज्यों के बीच वित्तीय संबंध
  • सहकारी संघवाद
  • सार्वजनिक जवाबदेही
  • वित्तीय प्रशासन एवं सुशासन

2. Social Sector Spending

  • शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण पर सार्वजनिक व्यय
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ
  • कल्याणकारी नीतियों की प्रभावशीलता
  • व्यय की पारदर्शिता एवं परिणाम

3. Skilling, Employment and MSMEs

  • कौशल विकास कार्यक्रम
  • युवाओं का रोजगार
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs)
  • आत्मनिर्भर भारत और उद्यमिता

4. Empowering Urban and Rural Local Bodies

  • पंचायती राज संस्थाएँ
  • नगर निकायों का सशक्तिकरण
  • स्थानीय वित्तीय स्वायत्तता
  • सहभागी लोकतंत्र

प्रतियोगिता की श्रेणियाँ

इस राष्ट्रीय पहल में दो श्रेणियों के प्रतिभागी भाग ले सकते हैं- स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थी तथा पीएचडी एवं शोधरत विद्वान।

दो-स्तरीय प्रतियोगिता संरचना

प्रतियोगिता का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा- राज्य अथवा केंद्रशासित प्रदेश स्तर पर सर्वश्रेष्ठ शोध लेखों का चयन। राज्य स्तर पर चयनित प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

आकर्षक पुरस्कार राशि

राज्य / केंद्रशासित प्रदेश स्तर

स्थान

पुरस्कार राशि

प्रथम पुरस्कार

₹75,000

द्वितीय पुरस्कार

₹50,000

तृतीय पुरस्कार

₹25,000

 

राष्ट्रीय स्तर

स्थान

पुरस्कार राशि

प्रथम पुरस्कार

₹1,25,000

द्वितीय पुरस्कार

₹1,00,000

तृतीय पुरस्कार

₹75,000

28 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में आयोजन

पोस्टर के अनुसार यह प्रतियोगिता देश के 28 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों को कवर करेगी। इससे देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

युवा शोधार्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

  • नीति-निर्माण से जुड़ने का अवसर।
  • राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त करने का मंच।
  • प्रतिष्ठित संस्थाओं CAG एवं ICSSR से जुड़ाव।
  • आकर्षक नकद पुरस्कार।
  • शोध लेखन कौशल को निखारने का अवसर।
  • विकसित भारत 2047’ के विज़न में योगदान।

विशेषज्ञों की दृष्टि

उच्च शिक्षा और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में नीति-आधारित शोध को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ अत्यंत आवश्यक हैं। इससे युवा शोधार्थियों को वास्तविक समस्याओं पर अध्ययन करने और व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

निष्कर्ष

CAG–ICSSR Research Article Competition केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के भावी नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और विचारकों के लिए एक राष्ट्रीय मंच है। यदि आप सामाजिक विज्ञान, सार्वजनिक नीति, प्रशासन, वित्त, रोजगार या स्थानीय शासन के क्षेत्र में रुचि रखते हैं, तो यह पहल आपके विचारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का अवसर बन सकती है।

"आज का शोध, कल का प्रभाव-विकसित भारत@2047 की दिशा में युवाओं की बौद्धिक भागीदारी।"

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I