जड़ से जंग लग चुका विद्युत खंभा कभी भी गिर सकता है, बच्चों और ग्रामीणों की जान जोखिम में
बुलंदशहर के गाँव पंड्रावल में सरकारी स्कूल के पास 11000 वोल्ट लाइन का जर्जर खंभा हादसे को न्योता दे रहा है। बच्चों की सुरक्षा पर सवाल। यह रिपोर्ट दृश्य साक्ष्य (फोटो) और स्थानीय पुष्टि पर आधारित है। यह किसी राजनीतिक आरोप का विषय नहीं, बल्कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा सार्वजनिक सरोकार है।
बुलंदशहर के गाँव पंड्रावल में सरकारी स्कूल के पास 11000 वोल्ट लाइन का जर्जर खंभा बना जानलेवा खतरा
बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले के गाँव पंड्रावल में स्थित एक सरकारी स्कूल के ठीक पास लगा 11000 वोल्ट उच्च-वोल्टेज विद्युत लाइन का खंभा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया गया है। मौके से प्राप्त फोटो और दृश्य साक्ष्यों में साफ़ देखा जा सकता है कि खंभे का निचला हिस्सा पूरी तरह जंग लगकर गल चुका है, जिससे उसकी संरचनात्मक मजबूती लगभग समाप्त हो चुकी है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह खंभा लंबे समय से इसी जर्जर हालत में खड़ा है, लेकिन हाल के महीनों में इसकी जड़ और अधिक कमजोर हो गई है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और आसपास से गुजरने वाले ग्रामीणों के लिए यह स्थिति सीधा जानलेवा खतरा बन चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह खंभा गिरता है या इससे जुड़ी 11000 वोल्ट की लाइन टूटती है, तो जमीन पर करंट फैल सकता है, आग लगने की आशंका हो सकती है, और किसी भी समय बड़ा जन-धन नुकसान हो सकता है।
चिंता का विषय यह भी है कि यह स्थान संवेदनशील शैक्षणिक क्षेत्र है, जहाँ बच्चों की दैनिक आवाजाही रहती है। इसके बावजूद अब तक न तो विद्युत विभाग द्वारा खंभे को बदला गया है और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा घेराबंदी की गई है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि विद्युत विभाग तत्काल मौके का निरीक्षण करे, जर्जर खंभे को हटाकर नया सुरक्षित पोल स्थापित किया जाए, और स्कूल के आसपास के क्षेत्र को हाई-रिस्क ज़ोन मानते हुए नियमित तकनीकी जांच की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई होती है, तो वह प्रशासनिक जिम्मेदारी से पलायन होगा। हादसे से पहले की गई कार्रवाई ही सुशासन की पहचान होती है।
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