सनशाइन अकादमी में प्रेमचंद जयंती, मातृभाषा सम्मान से मेधावियों का सम्मान
कोलकाता के सनशाइन अकादमी में प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। डॉ. संजय जायसवाल ने प्रेमचंद के साहित्य को भारतीय समाज का आख्यान बताया तथा हिंदी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को 'पार्वती-सुखारी मातृभाषा सम्मान' से सम्मानित किया गया।
कोलकाता, 31 जुलाई। टेंगरा स्थित सनशाइन अकादमी में महान कथाकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जन्म-जयंती साहित्यिक गरिमा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यासागर विश्वविद्यालय, मिदनापुर के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय जायसवाल रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर तथा प्रेमचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में डॉ. जायसवाल ने कहा कि "प्रेमचंद संवेदना रहित शिक्षा को खुदगर्ज मानते हैं। शिक्षा का वास्तविक संबंध ज्ञान के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और पारस्परिक संबंधों से है। प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज का जीवंत आख्यान है।" उन्होंने विद्यार्थियों से प्रेमचंद की रचनाओं को पढ़ने और उनके जीवन-मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस अवसर पर छात्रा आलिया ने तिलक लगाकर तथा विद्यालय के प्राचार्य ने उन्हें उत्तरीय ओढ़ाकर सम्मानित किया।
विद्यालय के प्राचार्य रवींद्र नाथन, उप-प्राचार्य बृज कुमार सिंह, वरिष्ठ शिक्षक सुरेश शाह, प्रणय माइती, पार्थ घोष, महुआ मुखर्जी, महुआ दास, मैत्रेयी भट्टाचार्य, रूपशा दास सहित अन्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भी प्रेमचंद की प्रतिकृति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में कक्षा 11 की छात्राओं स्वस्तिका परीदा, रिमी हजरा, उमा कुमारी मगर, प्रिया शाह और निधि सांतरा ने गणेश वंदना की धुन पर आधारित आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने हिंदी, बांग्ला और अंग्रेज़ी तीनों भाषाओं में प्रेमचंद की चर्चित कहानियों 'बड़े घर की बेटी', 'पूस की रात', 'ईदगाह' और 'बूढ़ी काकी' पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 'पार्वती-सुखारी मातृभाषा सम्मान' रहा। आईएससी (2025–26) की हिंदी विषय परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं जया कुमारी सिंह (95%), ट्विंकल राणा (85%) तथा नेहा पंडित (80%) को क्रमशः मेडल, सम्मान-पत्र एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा विद्यालय की चित्रांकन प्रतियोगिता के प्रतिभागियों मुस्कान मलिक, भारती सिंह, शिवम श्रीवास्तव, इशांत शर्मा, आस्था राणा, सोनाली साव और स्वस्तिका परीदा को भी मेडल प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान मुस्कान सिंह, अनन्या साव, आस्था राणा, तनीषा जायसवाल, समीर मलिक, इशांत शर्मा एवं समीर गुप्ता ने प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'परीक्षा' का सामूहिक वाचन प्रस्तुत कर श्रोताओं को प्रभावित किया।
कार्यक्रम का संचालन रीमा डॉली शर्मा ने किया, जबकि सरिता गिरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह का समापन प्रेमचंद के साहित्यिक आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के संकल्प के साथ हुआ।
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