हिंदी पत्रकारिता @200 : राष्ट्रीय पुस्तक हेतु शोधपरक लेख आमंत्रित | अंतिम तिथि 30 जून 2026

शब्दभूमि प्रकाशन ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर "हिंदी पत्रकारिता @200 : इतिहास, संघर्ष और भविष्य" पुस्तक के लिए शोधपरक एवं मौलिक लेख आमंत्रित किए हैं। लेख भेजने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है।

Jun 16, 2026 - 10:20
Jun 16, 2026 - 10:22
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हिंदी पत्रकारिता @200 : राष्ट्रीय पुस्तक हेतु शोधपरक लेख आमंत्रित | अंतिम तिथि 30 जून 2026
हिंदी पत्रकारिता @200

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के दस्तावेजीकरण की पहल

कोलकाता हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शब्दभूमि प्रकाशन ने एक महत्त्वाकांक्षी राष्ट्रीय प्रकाशन परियोजना की घोषणा की है। हिंदी पत्रकारिता @200 : इतिहास, संघर्ष और भविष्य शीर्षक से प्रकाशित होने वाली इस पुस्तक के लिए देशभर से शोधपरक, मौलिक और विचारोत्तेजक लेख आमंत्रित किए गए हैं। यह पुस्तक हिंदी पत्रकारिता की यात्रा को उसके आरंभिक चरण से लेकर डिजिटल युग तक समग्रता में प्रस्तुत करने का प्रयास करेगी। वर्ष 1826 में प्रकाशित उदन्त मार्तण्ड, जिसे हिंदी का पहला समाचार पत्र माना जाता है, से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सोशल मीडिया आधारित पत्रकारिता तक के बदलावों को इसमें विश्लेषित किया जाएगा। प्रकाशन संस्था का मानना है कि हिंदी पत्रकारिता केवल समाचार प्रसारण का माध्यम नहीं रही, बल्कि उसने सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय आंदोलन, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसरोकारों को दिशा देने का कार्य भी किया है। ऐसे में उसके दो सौ वर्षों का प्रामाणिक दस्तावेज तैयार करना समय की आवश्यकता है।

विविध विषयों पर लेख आमंत्रित

आमंत्रित विषयों में उदन्त मार्तण्ड से हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत, स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारिता की भूमिका, वर्तमान परिदृश्य, आपातकाल और मीडिया, गोदी मीडिया बनाम जन मीडिया, फेक न्यूज की चुनौतियाँ, डिजिटल पत्रकारिता, यूट्यूब-पॉडकास्ट और वैकल्पिक मीडिया, AI और भविष्य की पत्रकारिता, ग्रामीण एवं दलित पत्रकारिता, मीडिया और बाजारवाद, पत्रकारिता की नैतिकता तथा 2050 की पत्रकारिता जैसे समकालीन विषय शामिल हैं।

शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अवसर

यह पहल विशेष रूप से मीडिया अध्ययन, पत्रकारिता और साहित्य के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। चयनित लेख राष्ट्रीय स्तर की पुस्तक का हिस्सा बनेंगे, जिससे लेखकों को अकादमिक पहचान और गंभीर विमर्श का मंच प्राप्त होगा।

लेख भेजने की अंतिम तिथि

इच्छुक प्रतिभागियों को 30 जून 2026 तक अपने लेख हिंदी यूनिकोड फ़ॉन्ट में MS Word प्रारूप में भेजने होंगे। लेख की शब्द सीमा 2000 से 4000 शब्द निर्धारित की गई है। लेख मौलिक एवं अप्रकाशित होना चाहिए तथा उसके साथ लेखक का परिचय, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल भी संलग्न करना आवश्यक होगा। आयोजकों के अनुसार पुस्तक का प्रकाशन जुलाई 2026 में प्रस्तावित है। चयनित लेखकों को सूचित किया जाएगा तथा संपादकीय निर्णय अंतिम होगा।

प्रमुख तथ्य

·         पुस्तक का शीर्षक : हिंदी पत्रकारिता @200 : इतिहास, संघर्ष और भविष्य

·         आयोजन : शब्दभूमि प्रकाशन

·         उद्देश्य : हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों का दस्तावेजीकरण

·         लेख की शब्द सीमा : 2000–4000 शब्द

·         अंतिम तिथि : 30 जून 2026

·         प्रकाशन प्रस्तावित : जुलाई 2026

·          लेख प्रारूप : हिंदी यूनिकोड, MS Word

·          पात्रता : शोधार्थी, पत्रकार, शिक्षक, विद्यार्थी एवं स्वतंत्र लेखक

निष्कर्ष

हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों का यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का भी है। ऐसे समय में यह राष्ट्रीय प्रकाशन पहल शोध, विमर्श और दस्तावेजीकरण की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जा सकती है। यह प्रयास न केवल हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए वैचारिक मार्गदर्शक भी सिद्ध होगा।

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पूजा अग्रहरि पूजा अग्रहरि ने 2020 में दैनिक विश्वमित्र से पत्रकारिता की शुरुआत की। युवा शक्ति और जागो देश यूट्यूब चैनलों से जुड़ने के बाद, वर्तमान में पिछले 1 वर्ष से ‘जागो टीवी’ वेब पोर्टल में कंटेंट राइटर हैं। ‘कोई और राकेश श्रीमाल’ पुस्तक की सह-संपादक रही हैं। आपने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, कोलकाता केंद्र से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है।