प्रयागराज पुलिस ने 210 गुमशुदा मोबाइल लौटाए, 63.24 लाख रुपये की संपत्ति बरामद

प्रयागराज की गंगानगर सर्विलांस सेल ने 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 63.24 लाख रुपये है। CEIR पोर्टल और आधुनिक तकनीक की मदद से मिली सफलता।

Jun 15, 2026 - 17:35
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प्रयागराज पुलिस ने 210 गुमशुदा मोबाइल लौटाए, 63.24 लाख रुपये की संपत्ति बरामद
बरामद मोबाइल फोन सौंपते हुए अपर पुलिस उपायुक्त , गंगानगर पुष्कर वर्मा

प्रयागराज, 15 जून 2026 प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस की गंगानगर सर्विलांस सेल ने एक बार फिर अपनी दक्षता और तकनीकी क्षमता का परिचय देते हुए 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत 63 लाख 24 हजार रुपये आंकी गई है।

सर्विलांस सेल गंगानगर द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में आधुनिक तकनीकी संसाधनों और डिजिटल जांच प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया गया। पुलिस टीम ने मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया तथा विभिन्न स्थानों पर भौतिक सत्यापन भी किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज, लोकेशन ट्रैकिंग और भारत सरकार के सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की सहायता से मोबाइल फोन की लोकेशन एवं उपयोगकर्ताओं का पता लगाया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खोए हुए मोबाइल फोन केवल आर्थिक दृष्टि से ही मूल्यवान नहीं होते, बल्कि उनमें मौजूद व्यक्तिगत सूचनाएँ, संपर्क विवरण, बैंकिंग और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा भी नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में मोबाइलों की बरामदगी से न केवल लोगों को उनकी संपत्ति वापस मिली, बल्कि उनके निजी डेटा की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई।

मोबाइल वापस प्राप्त करने वाले नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस और सर्विलांस सेल का हृदय से आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल पुनः प्राप्त हो सकेगा, लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता के कारण यह संभव हो पाया।

इस अवसर पर सर्विलांस टीम ने आमजन से अपील की कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाए तो वे तत्काल अपने निकटतम थाने में संपर्क करें तथा मोबाइल खरीद की रसीद और पहचान पत्र के साथ सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को एक रिक्वेस्ट नंबर प्राप्त होता है। भविष्य में यदि कोई व्यक्ति उस मोबाइल का उपयोग करता है तो संबंधित सूचना शिकायतकर्ता एवं पुलिस को प्राप्त होती है, जिसके आधार पर मोबाइल की बरामदगी की कार्रवाई की जा सकती है।

प्रयागराज पुलिस का यह अभियान तकनीक आधारित पुलिसिंग, जनसेवा और नागरिकों के प्रति उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। इससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ है।

सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे

उपनिरीक्षक सुखचैन तिवारी, प्रभारी एसओजी/सर्विलांस सेल, गंगानगर, मुख्य आरक्षी रबीश चन्द्र यादव, मुख्य आरक्षी अगंद गिरी, आरक्षी राहुल यादव, आरक्षी अमित मिश्रा, महिला आरक्षी प्रियंका पाल।

पुलिस आयुक्तालय प्रयागराज की इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि तकनीक और समर्पण के समन्वय से आम नागरिकों को प्रभावी राहत और सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I