हिंदी के प्रति समर्पण को मिला राष्ट्रीय सम्मान: ब्रजेश कुमार त्रिपाठी को ‘लोक उद्यम हिंदी गौरवरत्न सम्मान–2025’
31वें हिंदी मेला, कोलकाता में कोल इंडिया लिमिटेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी को ‘लोक उद्यम हिंदी गौरवरत्न सम्मान–2025’ से सम्मानित किया जाएगा। हिंदी प्रचार में उनके योगदान को मिली राष्ट्रीय मान्यता।
कोलकाता, 21 दिसंबर। सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन और भारतीय भाषा परिषद द्वारा आयोजित 31वें हिंदी मेला के अवसर पर वर्ष 2025 का ‘लोक उद्यम हिंदी गौरवरत्न सम्मान’ ब्रजेश कुमार त्रिपाठी को प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।
यह सम्मान कोल इंडिया लिमिटेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में कार्यरत श्री त्रिपाठी को हिंदी भाषा के सतत प्रचार-प्रसार, साहित्यिक अभिरुचि और लोक उद्यमों में हिंदी की रचनात्मक उपस्थिति को सशक्त करने हेतु दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन के संयुक्त महासचिव प्रो. संजय जायसवाल ने जानकारी दी कि 26 दिसंबर से आरंभ हो रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृति अभियान के अंतर्गत आयोजित 31वें हिंदी मेला में श्री त्रिपाठी को स्मृति चिह्न और मानपत्र प्रदान कर औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
निर्णायक समिति में डॉ. शंभुनाथ (निदेशक, भारतीय भाषा परिषद), रामनिवास द्विवेदी (संरक्षक, सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन), डॉ. इतु सिंह (विभागाध्यक्ष, हिंदी, खिदिरपुर कॉलेज) तथा प्रो. संजय जायसवाल (विद्यासागर विश्वविद्यालय) शामिल थे। लगभग तीन दशकों से अधिक के अपने कर्मजीवन में श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ साहित्यिक संवेदनशीलता, रचनात्मकता और हिंदी के संस्थागत प्रयोग को निरंतर आगे बढ़ाया है। यही कारण है कि उन्हें इस नवप्रारंभिक लेकिन महत्वपूर्ण सम्मान के लिए चयनित किया गया।
31वाँ हिंदी मेला, जो 26 दिसंबर से 1 जनवरी 2026 तक आयोजित होगा, राष्ट्रीय संस्कृति, युवाओं की सहभागिता और भारतीय भाषाओं के पुनर्निर्माण का एक प्रमुख मंच माना जा रहा है। इस मंच पर दिया जाने वाला यह सम्मान हिंदी भाषा के सार्वजनिक जीवन में बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।
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