विद्यासागर विश्वविद्यालय-राष्ट्रीय पुस्तकालय में अनुसंधान व प्रशिक्षण MoU

विद्यासागर विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय पुस्तकालय, भारत के बीच अनुसंधान, छात्र प्रशिक्षण, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन हुआ। विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय पुस्तकालय के अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों के कौशल-विकास, व्यावहारिक प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।

Aug 21, 2026 - 22:16
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विद्यासागर विश्वविद्यालय-राष्ट्रीय पुस्तकालय में अनुसंधान व प्रशिक्षण MoU
विद्यासागर विश्वविद्यालय-राष्ट्रीय पुस्तकालय में अनुसंधान व प्रशिक्षण MoU

विद्यासागर विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय पुस्तकालय के बीच अनुसंधान एवं शैक्षणिक प्रशिक्षण समझौता

मिदनापुर, 21 अगस्त 2026 विद्यासागर विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय पुस्तकालय, भारत ने अनुसंधान, छात्र प्रशिक्षण तथा अत्याधुनिक क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्नातक एवं स्नातकोत्तर शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग को औपचारिक रूप दिया है। इस दिशा में दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) संपन्न हुआ।

विश्वविद्यालय परिसर, मिदनापुर में आयोजित कार्यक्रम में समझौता ज्ञापन पर विद्यासागर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. जयंत किशोर नंदी तथा राष्ट्रीय पुस्तकालय, भारत के पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी डॉ. पार्थ सारथी दास ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर विद्यासागर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दीपक कुमार कर ने कहा कि यह संस्थागत साझेदारी विद्यार्थियों में शैक्षणिक एवं अनुसंधान उत्कृष्टता विकसित करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सहयोग से विद्यार्थियों को अध्ययन और शोध के लिए नए अवसर प्राप्त होंगे।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. जयंत किशोर नंदी ने कहा कि समझौता ज्ञापन का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यावसायिक विकास, कौशल-वृद्धि और शैक्षणिक समृद्धि को बढ़ावा देना है। वहीं, राष्ट्रीय पुस्तकालय के पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी डॉ. पार्थ सारथी दास ने राष्ट्रीय पुस्तकालय में प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को मिलने वाले व्यापक व्यावहारिक एवं अकादमिक अवसरों पर प्रकाश डाला।

विद्यासागर विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सौमेन मल्लिक ने कहा कि यह समझौता विभाग के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इससे उन्हें देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुस्तकालय, भारत में प्रशिक्षण प्राप्त करने और पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के व्यावहारिक पक्षों को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त रूप से शैक्षणिक संगोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं के आयोजन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

राष्ट्रीय पुस्तकालय की ओर से कृष्णानु चट्टोपाध्याय और सौमेन कुमार मंडल, सहायक पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारियों ने भी समझौता ज्ञापन का स्वागत किया। उन्होंने राष्ट्रीय पुस्तकालय में उपलब्ध विशाल और विशिष्ट विशेष संग्रहों के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं अनुसंधानात्मक जुड़ाव की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया।

यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान, संसाधनों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय शोध के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान सहित विभिन्न अकादमिक क्षेत्रों में अनुसंधान संस्कृति को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I