सियालदह स्टेशन के बाहर बुलडोजर कार्रवाई, वर्षों पुराना अतिक्रमण हटने से बदली तस्वीर
कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन के बाहर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई में वर्षों पुराना अतिक्रमण हटाया गया। फुटपाथ और सड़कें खुलने से यात्रियों को राहत मिली और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार देखा गया।
कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन के बाहर वर्षों से चला आ रहा अतिक्रमण आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हटाया गया। लंबे समय से फुटपाथों और स्टेशन के बाहरी हिस्सों पर अवैध दुकानों, ठेलों और अस्थायी ढांचों का कब्जा था, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब संयुक्त अभियान के बाद पूरा इलाका अतिक्रमण मुक्त दिखाई दे रहा है।
रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही वाले इस व्यस्त स्टेशन के बाहर पहले हालात ऐसे थे कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था। फुटपाथों पर फैले अतिक्रमण और अनियंत्रित भीड़ के कारण सड़कें संकरी हो गई थीं, जिससे लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी। कई बार गंदगी और अव्यवस्था के चलते यात्रियों को असुरक्षा और असुविधा का भी सामना करना पड़ता था।
हालिया बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब स्टेशन के बाहर का दृश्य पूरी तरह बदल गया है। सड़कें और फुटपाथ खुलने से लोगों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक आसान हो गई है। यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने और बाहर निकलने में कम समय लग रहा है। यातायात व्यवस्था में भी सुधार देखा जा रहा है, जिससे आसपास के इलाके में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशासन केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे स्टेशन परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने पर भी जोर दे रहा है। नियमित सफाई अभियान चलाकर कचरा हटाया गया है और इलाके में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। इससे स्टेशन परिसर पहले की अपेक्षा अधिक साफ-सुथरा और व्यवस्थित नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि लंबे समय बाद उन्होंने सियालदह रेलवे स्टेशन के बाहर ऐसा सकारात्मक बदलाव देखा है। उनका मानना है कि अब यहां का वातावरण अधिक सुरक्षित, खुला और सुविधाजनक हो गया है। यह कार्रवाई शहर की यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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