गवाहों के बयान में हेरफेर नहीं कर सकेगी पुलिस, उत्तर प्रदेश DGP के सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश DGP राजीव कृष्णा ने गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक जाँच और पासपोर्ट सत्यापन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। बयान में शब्द जोड़ने पर कार्रवाई होगी।

Aug 17, 2026 - 22:35
Aug 17, 2026 - 22:43
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गवाहों के बयान में हेरफेर नहीं कर सकेगी पुलिस, उत्तर प्रदेश DGP के सख्त निर्देश
उत्तर प्रदेश DGP राजीव कृष्णा

विवेचना में गवाह की भाषा और बोली में ही दर्ज होगा बयान; आरोपी के खिलाफ तथ्य गढ़ने वाले सवालों पर रोक, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक जाँच को भी अनिवार्य बनाने पर जोर

लखनऊ, 17 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश में पुलिस विवेचना की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित बनाने के लिए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने प्रदेश के पुलिस अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब विवेचक गवाहों के बयानों में अपनी ओर से शब्द जोड़ या बदल नहीं सकेंगे। गवाह घटना के संबंध में जिस भाषा या बोली में अपनी बात बताएगा, उसका बयान उसी रूप में दर्ज करना होगा।

डीजीपी के निर्देशों के अनुसार, विवेचक ऐसे सवाल भी नहीं पूछ सकेंगे जिनका उद्देश्य अभियुक्त के खिलाफ कोई तथ्य गढ़ना, आरोप को मजबूत करना या गवाह से मनचाहा उत्तर प्राप्त करना हो। आवश्यकता होने पर केवल किसी तथ्य को स्पष्ट करने के लिए सवाल पूछा जा सकेगा। गवाह को किसी उत्तर का सुझाव देना भी प्रतिबंधित रहेगा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी हुए निर्देश

ये दिशा-निर्देश इलाहाबाद हाईकोर्ट के 30 जुलाई 2026 के आदेश के अनुपालन में जारी किए गए हैं। आतिश उर्फ कृष्णकांत बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पीड़ित और उसकी पत्नी के ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डेड बयानों तथा विवेचक द्वारा दर्ज कथनों में अंतर सामने आया था।

अदालत ने पाया था कि गवाहों के वास्तविक कथनों के स्थान पर विवेचक की ओर से कथन जोड़े गए थे। हाईकोर्ट ने इस प्रक्रिया को अनुचित मानते हुए पुलिस महानिदेशक को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा था। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों और विवेचकों को इन प्रावधानों की जानकारी देने के लिए थाना स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कराने के निर्देश भी दिए हैं। इनमें आपराधिक कानून और गवाहों के बयान दर्ज करने की सही प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डिजिटल साक्ष्यों को ई-साक्ष्य एप पर करना होगा अपलोड

विवेचना में डिजिटल साक्ष्यों के इस्तेमाल को लेकर भी डीजीपी ने दिशा-निर्देश दिए हैं। तलाशी, जब्ती, निरीक्षण और अन्य पुलिस कार्रवाई के दौरान तैयार होने वाले डिजिटल साक्ष्यों को ई-साक्ष्य एप पर अपलोड किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार इन डिजिटल साक्ष्यों को एफआईआर से लिंक करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले अपराधों में घटनास्थल का फॉरेंसिक विशेषज्ञों से निरीक्षण कराना अनिवार्य होगा। घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पासपोर्ट सत्यापन में केस छिपाने पर पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई

डीजीपी ने पासपोर्ट पुलिस सत्यापन को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। आवेदक के खिलाफ दर्ज किसी आपराधिक मामले को छिपाने या गलत जानकारी के साथ रिपोर्ट भेजने पर संबंधित पुलिसकर्मी के साथ-साथ जिम्मेदार पर्यवेक्षण अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर रिपोर्ट भेजते समय आवेदक के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों और उनकी वर्तमान स्थिति का उल्लेख करना होगा। थाने के रिकॉर्ड में कोई मामला दर्ज होने के बावजूद उसे सत्यापन रिपोर्ट में नहीं बताया गया तो इसे लापरवाही माना जाएगा। यह निर्देश जतिन कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी किए गए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में आया था कि 15 जून 2026 को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को भेजी गई पुलिस रिपोर्ट में आवेदक के खिलाफ केवल एक मुकदमे का उल्लेख किया गया, जबकि वर्ष 2024 में दर्ज एक अन्य मामले की जानकारी रिपोर्ट में शामिल नहीं की गई थी।

हाईकोर्ट ने पुलिस की इस चूक पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद डीजीपी ने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, एसएसपी/एसपी और थाना प्रभारियों को पासपोर्ट सत्यापन में पूरी, सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

विवेचना में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश

डीजीपी के इन निर्देशों से पुलिस विवेचना में गवाह के वास्तविक कथन, डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक जाँच और पासपोर्ट सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश दिखाई देती है। खासतौर पर गवाह के बयान में विवेचक द्वारा शब्दों की हेरफेर पर रोक का निर्देश निष्पक्ष विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I