संचारी रोग नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी, सभी विभागों को राज्य औसत से बेहतर प्रदर्शन का निर्देश
प्रयागराज में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 2026 को लेकर जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी। सभी विभागों को राज्य औसत से बेहतर प्रदर्शन और 24 घंटे में कार्रवाई के निर्देश।
प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान (1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026) के तहत प्रथम जनपद स्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (नोडल विभाग) सहित पंचायती राज, कृषि, पशुपालन, नगर निगम, हॉर्टिकल्चर, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस समेत 10 से अधिक विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. आलोक द्वारा अक्टूबर 2025 के आंकड़ों की प्रस्तुति दी गई, जिसके आधार पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए कि आगामी अभियान में प्रदर्शन राज्य औसत से अधिक होना अनिवार्य है।
विशेष रूप से आईसीडीएस विभाग को चेतावनी दी गई कि पिछले अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा कार्यकत्रियों के संयुक्त घर-घर भ्रमण का प्रतिशत अत्यंत कम रहा, जो स्वीकार्य नहीं है। इस पर सीडीपीओ ने सुझाव दिया कि आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों का संयुक्त प्रशिक्षण कराया जाए, जिससे बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग होने के नाते विशेष जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियों के संवेदीकरण और फील्ड एक्टिविटी में सुधार आवश्यक है, ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागों का मूल्यांकन थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग डेटा के आधार पर किया जाएगा।
नगर निगम, पंचायती राज और स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि संचारी रोगों, विशेषकर स्क्रब टायफस के मामलों में सूचना मिलते ही 24 घंटे के भीतर सभी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभियान की सफलता के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एडीएम फाइनेंस, जिला मलेरिया अधिकारी, सभी विभागीय नोडल अधिकारी, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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