लिटिल थेस्पियन का जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ में ‘नाट्य कार्यशाला’
कोलकाता के जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ (बॉयज़) हाई स्कूल में लिटिल थेस्पियन के सहयोग से नाट्य कार्यशाला आयोजित हुई। उमा झुनझुनवाला के निर्देशन में छात्रों ने अभिनय, इम्प्रोवाइजेशन, वॉइस-बॉडी एक्सरसाइज और टीमवर्क के गुण सीखे।
कोलकाता, 11 अगस्त 2026। जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ (बॉयज़) हाई स्कूल में मंगलवार को प्रसिद्ध हिंदी थिएटर समूह ‘लिटिल थेस्पियन’ के सहयोग से एक दिवसीय ‘नाट्य कार्यशाला’ का सफल आयोजन किया गया। ‘थिएटर-इन-एजुकेशन’ की अवधारणा के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को रंगमंच की मूलभूत तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और संवाद कौशल को बेहतर बनाना था।
कार्यशाला का निर्देशन लिटिल थेस्पियन की अध्यक्ष उमा झुनझुनवाला ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मो. आसिफ अंसारी, गुंजन अज़हर और हीना परवेज ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रंगमंचीय गतिविधियों के जरिए सीखने का अवसर
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को रंगमंच की विभिन्न विधाओं और तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों ने रंगमंचीय खेल, वॉइस एवं बॉडी एक्सरसाइज, इम्प्रोवाइजेशन तथा मंचीय अभिनय की बारीकियों को समझा और उनका अभ्यास किया।
उमा झुनझुनवाला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मंच के प्रति झिझक और डर को दूर करने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रंगमंच विद्यार्थियों के संवाद कौशल, रचनात्मक सोच, आत्म-अभिव्यक्ति और टीमवर्क को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
व्यक्तित्व विकास में रंगमंच की महत्वपूर्ण भूमिका
विद्यालय के शिक्षकों ने कार्यशाला को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। शिक्षकों के अनुसार रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए बच्चों में अनुशासन, सहयोग, संवेदनशीलता, सहानुभूति, आत्मविश्वास और आत्म-अभिव्यक्ति जैसे गुण भी विकसित होते हैं।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विभिन्न गतिविधियों के दौरान छात्रों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी कार्यशाला को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहयोग किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से लिटिल थेस्पियन, उमा झुनझुनवाला और उनके पूरे दल के प्रति आभार व्यक्त किया गया। विद्यालय में आयोजित इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों को रंगमंच की दुनिया से जोड़ने के साथ-साथ सीखने और स्वयं को अभिव्यक्त करने का एक नया अवसर प्रदान किया।
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