विद्यासागर विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक कार्यक्रम

मेदिनीपुर के विद्यासागर विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मानव बंधन, सहस्र कंठे वंदे मातरम् और बंकिम चंद्र की प्रतिमा अनावरण सहित देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित हुए।

Aug 15, 2026 - 08:08
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विद्यासागर विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक कार्यक्रम
देशभक्ति एवं ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन

मेदिनीपुर, 14 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विद्यासागर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत को स्मरण करने के उद्देश्य से विभिन्न देशभक्ति एवं ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा विद्यासागर विश्वविद्यालय के 1,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत भव्य मानव बंधन से हुई। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर मानव शृंखला बनाई। यह आयोजन राष्ट्रीय एकता, सामूहिक एकजुटता और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता नजर आया।

इस अवसर पर विद्यासागर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीपक कुमार कर, मिदनापुर के विधायक डॉ. शंकर कुमार गुच्छैत, कुलसचिव डॉ. जे. के. नंदी, डीन साइंस प्रो. परेश चंद्र जाना, एनएसएस के प्रो. देबदुलाल बनर्जी, वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. केशव चंद्र मंडल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम्के रचयिता ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम्भारतीय राष्ट्रीय जागरण और स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की प्रतिमा विद्यार्थियों को देशभक्ति, साहित्य और राष्ट्रवादी चेतना की प्रेरणा देती रहेगी तथा बंगाल की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत की स्मृति को जीवंत रखेगी।

इसके बाद आयोजित सहस्र कंठे वंदे मातरम् कार्यक्रम में 1,000 से अधिक विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। पूरे परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण देखने को मिला।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. दीपक कुमार कर ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय, जिम्मेदार और सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मिदनापुर के विधायक डॉ. शंकर कुमार गुच्छैत ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बंगाल का विभाजन और विभाजन से जुड़े मानवीय अनुभव विषय पर व्याख्यान देते हुए विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा उसके सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम का स्वागत वक्तव्य एवं संचालन प्रो. देबदुलाल बनर्जी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. जयंत किशोर नंदी ने किया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों में देशभक्ति, इतिहास-बोध और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I