राजा नरेंद्रलाल खान महाविद्यालय में प्रेमचंद पर विशेष व्याख्यान

राजा नरेंद्रलाल खान महिला महाविद्यालय (स्वायत्त), पश्चिम मेदिनीपुर में ‘प्रेमचंद का साहित्य’ विषय पर विशेष व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्वानों ने प्रेमचंद की समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखे तथा छात्राओं ने कहानी ‘मंत्र’ पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया।

Aug 4, 2026 - 22:29
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राजा नरेंद्रलाल खान महाविद्यालय में प्रेमचंद पर विशेष व्याख्यान
प्रेमचंद पर विशेष व्याख्यान

पश्चिम मेदिनीपुर, 4 अगस्त 2026 राजा नरेंद्रलाल खान महिला महाविद्यालय (स्वायत्त) के हिंदी विभाग द्वारा  ‘प्रेमचंद का साहित्य’ विषय पर एक विशेष शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं, शोधकर्ताओं, शिक्षिकाओं तथा आमंत्रित विद्वानों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। आयोजन का उद्देश्य हिंदी के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद के साहित्यिक अवदान, सामाजिक दृष्टि और उनकी समकालीन प्रासंगिकता पर गंभीर विमर्श करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण से हुआ, जिसके पश्चात महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. स्वप्ना घोड़ाई ने उद्घाटन भाषण देते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल साहित्यिक धरोहर नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों का सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय साहित्य के गंभीर अध्ययन का आह्वान किया।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता छात्राओं एवं शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत शोध-पत्र और आलेख रहे, जिनमें प्रेमचंद के साहित्य के विविध आयामों पर विचार व्यक्त किए गए। इसके अतिरिक्त प्रथम, पंचम एवं सप्तम सेमेस्टर की छात्राओं छाया, राखी, नीलम, ऋतु, माधवी, रिमझिम, कृष्टि, वर्षा एवं सुहानी ने प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी मंत्र पर आधारित प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति देकर दर्शकों की सराहना प्राप्त की।

मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. प्रमोद कुमार प्रसाद, हिंदी विभाग, विद्यासागर विश्वविद्यालय ने अपने विशेष व्याख्यान में प्रेमचंद को आधुनिक हिंदी कथा साहित्य का आधार स्तंभ बताते हुए उनके साहित्य की सामाजिक प्रतिबद्धता, मानवीय मूल्यों और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर विद्यासागर विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. श्रीकांत द्विवेदी ने भी महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। वहीं श्रीमती सुमिता भकत, डॉ. सोनम सिंह, सुषमा कुमारी एवं नेहा चौबे ने प्रेमचंद के साहित्य, भारतीय संस्कृति और सामाजिक चेतना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।

सांस्कृतिक सत्र में छाया कुमारी मिश्रा ने मधुर गीत प्रस्तुत किया, जबकि मधुपर्णा की नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को आकर्षक और जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. सोनम सिंह ने किया।

अंत में हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. रेणु गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्राचार्या, सभी विशिष्ट वक्ताओं, शिक्षिकाओं, छात्राओं, शोधकर्ताओं तथा प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक विमर्श, साहित्यिक संवेदना और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सफल संगम सिद्ध हुआ।

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I