कुलपति प्रो. नंदिनी साहू ने युवाओं को नशे से दूर रहकर चरित्र निर्माण का दिया संदेश
हिंदी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल में नशा मुक्ति अभियान आयोजित हुआ। कुलपति प्रो. नंदिनी साहू ने युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक और सशक्त भारत के निर्माण का संदेश दिया।
हावड़ा, 2 अगस्त। हिंदी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल द्वारा 'विकसित भारत 2026' के संकल्प के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में 'नशा मुक्ति अभियान' का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नंदिनी साहू ने की, जबकि संचालन ओ.एस.डी. देवव्रत भांज्जा ने किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण, युवाओं के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. नंदिनी साहू ने कहा कि "जब देश का युवा स्वस्थ होगा, तभी एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव होगा।" उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवाओं को अवसाद, मानसिक तनाव और आत्मघाती परिस्थितियों की ओर धकेल रही है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी का दायित्व है कि वह नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवनशैली अपनाए, उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियाँ प्राप्त करे तथा अपने व्यक्तित्व और चरित्र का समग्र विकास करे।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का सामूहिक लाइव प्रसारण भी देखा और सुना गया। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समन्वय में फाइनेंस ऑफिसर सिद्धार्थ घटक चौधरी की विशेष भूमिका रही। विश्वविद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे जनजागरूकता अभियान युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करेंगे और उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेंगे।
अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने नशा मुक्त समाज, स्वस्थ युवा और सशक्त भारत के निर्माण के लिए निरंतर जनजागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया।
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