3 जून को होगा विद्यासागर विश्वविद्यालय का 23वाँ दीक्षांत समारोह

3 जून 2026 को विद्यासागर विश्वविद्यालय का 23वाँ दीक्षांत समारोह आयोजित होगा। 89,137 विद्यार्थियों को डिग्रियाँ प्रदान की जाएँगी तथा डॉ. एस. सोमनाथ सहित तीन प्रतिष्ठित विद्वानों को मानद उपाधियों से सम्मानित किया जाएगा।

Jun 1, 2026 - 20:14
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3 जून को होगा विद्यासागर विश्वविद्यालय का 23वाँ दीक्षांत समारोह
विद्यासागर विश्वविद्यालय

89,137 विद्यार्थियों को डिग्रियाँ, इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ सहित तीन विद्वानों को मानद उपाधि

मिदनापुर, 1 जून 2026 पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय अपने 23वें दीक्षांत समारोह के आयोजन की घोषणा के साथ एक ऐतिहासिक शैक्षणिक उपलब्धि का उत्सव मनाने जा रहा है। महान शिक्षाविद, समाज सुधारक और आधुनिक भारत के अग्रणी विचारक पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की स्मृति में स्थापित यह विश्वविद्यालय बुधवार, 3 जून 2026 को अपने अत्याधुनिक एवं भव्य विवेकानंद सभागृह में दीक्षांत समारोह आयोजित करेगा। विश्वविद्यालय का यह सर्वोच्च शैक्षणिक आयोजन वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 के दौरान विभिन्न पाठ्यक्रमों में सफल हुए विद्यार्थियों और शोधार्थियों की उपलब्धियों को समर्पित होगा। समारोह की अध्यक्षता पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री आर. एन. रवि करेंगे। इस अवसर पर जादवपुर विश्वविद्यालय के राजा रामन्ना चेयर प्रोफेसर, सिस्टर निवेदिता विश्वविद्यालय के कुलपति तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) दुर्गापुर के पूर्व निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अनुपम बसु मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत भाषण देंगे। उनके विचार नवस्नातकों एवं शोधार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के प्रति प्रेरित करेंगे। विद्यासागर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दीपक कुमार कर, विश्वविद्यालय के कोर्ट सदस्यों, शैक्षणिक परिषद के प्रतिनिधियों, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों, संकाय सदस्यों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति इस समारोह को विशेष महत्व प्रदान करेगी।

89,137 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री

23वें दीक्षांत समारोह में कुल 89,137 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएँगी। इनमें 70,009 स्नातक (Undergraduate), 18,779 स्नातकोत्तर (Postgraduate), 349 पीएच.डी. (Doctoral Degree) प्राप्तकर्ता शामिल हैं। यह संख्या विश्वविद्यालय की व्यापक शैक्षणिक पहुँच, गुणवत्ता आधारित शिक्षा तथा समावेशी उच्च शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मान

दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शैक्षणिक उत्कृष्टता का भी उत्सव बनेगा। इस अवसर पर193 स्नातक पदक विजेता, 181 स्नातकोत्तर पदक विजेता, 41 शोध पुरस्कार एवं छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता, 41 अनुदान पदक विजेता को सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्रतिष्ठित विवेकानंद मेमोरियल रिसर्च अवार्डतथा विद्यासागर मेमोरियल रिसर्च अवार्डप्राप्त करने वाले शोधार्थी भी शामिल हैं।

तीन प्रतिष्ठित विद्वानों को मानद उपाधि

इस वर्ष विश्वविद्यालय तीन विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वानों को मानद उपाधियों से सम्मानित करेगा। अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ तथा एम.पी. बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च एवं एम.पी. बिरला प्लैनेटेरियम, कोलकाता के पूर्व निदेशक देबीप्रसाद दुआरी को मानद डी.एससी. (Doctor of Science) की उपाधि प्रदान की जाएगी। वहीं साहित्य एवं रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाली एडिनबर्ग नेपियर विश्वविद्यालय, स्कॉटलैंड की प्रख्यात विदुषी प्रोफेसर (डॉ.) बशाबी फ्रेजर को मानद डी.लिट. (Doctor of Letters) से सम्मानित किया जाएगा।

सांस्कृतिक गरिमा और राष्ट्रीय चेतना का संगम

दीक्षांत समारोह का शुभारंभ रवींद्रनाथ टैगोर के प्रसिद्ध गीत विश्वविद्या तीर्थप्रांगण कोरो महोज्ज्वलसे होगा, जिसे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ सामूहिक रूप से प्रस्तुत करेंगे। इसके पश्चात राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक ऋषि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्तथा राष्ट्रगान जन गण मनप्रस्तुत किया जाएगा।

उत्सव में बदलेगा विश्वविद्यालय परिसर

समारोह को लेकर विश्वविद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर विवेकानंद सभागृह तक पूरे परिसर को प्रकाश, पुष्प सज्जा एवं हरित सौंदर्य से अलंकृत किया जाएगा। परिसर एक जीवंत शैक्षणिक उत्सव स्थल के रूप में दिखाई देगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय एवं स्थानीय मीडिया संस्थानों के लगभग 40 प्रतिष्ठित पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों को समारोह के कवरेज हेतु आमंत्रित किया गया है।

कुलपति का आह्वान

विद्यासागर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दीपक कुमार कर ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों तथा विश्वविद्यालय के सभी शुभचिंतकों से इस ऐतिहासिक अवसर में सहभागिता का आह्वान किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 23वाँ दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान उत्कृष्टता और सामाजिक प्रतिबद्धता का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा। यह समारोह न केवल हजारों विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने का अवसर होगा, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और सामाजिक परिवर्तन के प्रति विश्वविद्यालय की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का भी सशक्त प्रतीक सिद्ध होगा।

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I