हिंदी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का गरिमामय आयोजन
हिंदी विश्वविद्यालय, हावड़ा में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2026 का आयोजन भाषाई विविधता और बहुभाषावाद के संदेश के साथ संपन्न हुआ। कुलपति प्रो. डॉ. नंदिनी साहू ने मातृभाषा की गरिमा पर प्रकाश डाला।
भाषाई विविधता और सांस्कृतिक अस्मिता का उत्सव
हावड़ा। हिंदी विश्वविद्यालय परिसर में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन अत्यंत गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कुलपति प्रो. डॉ. नंदिनी साहू के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम ने भाषाई विविधता, बहुभाषावाद और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सुमन भट्टाचार्य द्वारा अपनी मातृभाषा बांग्ला में गीत प्रस्तुति से हुआ, जिसने वातावरण को भावनात्मक और सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। संगोष्ठी की अध्यक्षता भी उन्होंने की, जबकि संचालन का दायित्व डॉ. पारोमिता दास ने कुशलता से निभाया।
कुलपति का प्रेरक संबोधन
कुलपति प्रो. डॉ. नंदिनी साहू ने अपने उद्बोधन में कहा, “अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस भाषा की गरिमा, आत्म-पहचान और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण दिन है। मातृभाषा हमारे विचारों और भावनाओं का सबसे स्वाभाविक माध्यम है। इसी के द्वारा हम अपने इतिहास, साहित्य और संस्कृति से आत्मिक रूप से जुड़े रहते हैं।”
2026 की थीम पर विशेष प्रकाश
हिंदी एवं अनुवाद विभाग की प्राध्यापिका डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी ने इस वर्ष की थीम ‘भाषाओं का महत्व: रजत जयंती और सतत विकास’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह वर्ष इस दिवस की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक है और भाषाई विविधता के माध्यम से समावेशी विकास को सशक्त बनाने की दिशा में प्रेरित करता है।
विद्यार्थियों की सशक्त सहभागिता
कार्यक्रम की विशेषता रही विद्यार्थियों की बहुभाषिक प्रस्तुति। विभिन्न विभागों के छात्रों ने अपनी-अपनी मातृभाषाओं में वक्तव्य, गीत और कविता प्रस्तुत कर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया-
- खुशबू शर्मा - वक्तव्य (राजनीतिक विज्ञान विभाग)
- अनुसुर्या राय - मैथिली में गीत
- आकांक्षा चौहान - भोजपुरी में वक्तव्य
- प्रियंका तिवारी - अवधी में कविता
- कीर्ति सिंह - भोजपुरी में कविता
- नाजिद खान - भोजपुरी में गीत
समापन सामूहिक गीत के साथ हुआ, जिसमें सुजल कुमार राऊत, अंशु सिंह, कीर्ति सिंह, प्रियंका तिवारी, दीक्षित शाह और मानसी परीदा सहित हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में मधुवंती गांगुली ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय कार्यालय के सदस्य काजूरी दास, अमन, राज, करिमा और दीपांकर भी उपस्थित रहे।
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