गैंगस्टर कार्रवाई से पहले पुलिस आयुक्त, एसएसपी और डीएम की संयुक्त बैठक अनिवार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई से पहले पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की संयुक्त बैठक अनिवार्य है।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई से पहले पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की संयुक्त बैठक अनिवार्य है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने एक अधिवक्ता के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई को रद्द कर दिया।
न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की एकलपीठ ने गोरखपुर निवासी अनूप यादव की याचिका पर यह आदेश दिया। याची, जो जनपद न्यायालय में वकालत करता है, के खिलाफ 2018 में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की थी। 2020 में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, और 2021 में ट्रायल कोर्ट ने संज्ञान लेकर समन जारी किया। याची ने इस पूरी प्रक्रिया को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याची के अधिवक्ता प्रिंस श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट गैंगस्टर अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के नियमों के अनुसार अनिवार्य संयुक्त बैठक नहीं की गई, इसलिए याची के खिलाफ गैंगस्टर का अपराध बनता ही नहीं। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए याची के खिलाफ दर्ज एफआईआर और संबंधित कार्रवाई को रद्द कर दिया।
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