विश्व हिंदी परिषद द्वारा अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विश्व हिंदी परिषद, पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा राष्ट्रीय स्तर की आलेख लेखन-वाचन प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी आयोजित की गई। देशभर के विद्यार्थियों और शिक्षाविदों की गरिमामय सहभागिता रही।
कोलकाता, 21 फरवरी अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर विश्व हिंदी परिषद, पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा एक भव्य आभासी संगोष्ठी तथा राष्ट्रीय स्तर की आलेख लेखन एवं वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति सम्मान, आत्मीयता और सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना था। देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 70 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के पश्चात 6 उत्कृष्ट प्रतिभागियों को 21 फरवरी के मुख्य कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देने का अवसर प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की गरिमामय शुरुआत
कार्यक्रम का स्वागत वक्तव्य पश्चिम बंगाल शैक्षणिक प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्वेता गुप्ता ‘श्वेतांबरी’ ने दिया। संचालन का दायित्व शैक्षणिक प्रकोष्ठ की महामंत्री सीमा शर्मा ने अत्यंत कुशलता से निभाया। कोलकाता की सुप्रसिद्ध कवयित्री रचना सरन द्वारा प्रस्तुत मातृभाषा-आधारित भावपूर्ण गीत ने वातावरण को भावविभोर कर दिया। उपाध्यक्ष प्रणति ठाकुर द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
विशिष्ट अतिथियों के विचार
विशेष संबोधन में प्रो. डॉ. सोमा बंधोपाध्याय (कुलपति, बाबा साहेब अंबेडकर शिक्षा विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल) ने मातृभाषा को व्यक्तित्व और राष्ट्रीय पहचान का आधार बताते हुए युवाओं से उसके संरक्षण का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नम्रता प्रसाद (सहायक प्राध्यापिका, काज़ी नज़रुल विश्वविद्यालय, आसनसोल) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी (विभागाध्यक्ष, हिन्दी विभाग, गोखले मेमोरियल गर्ल्स कॉलेज, कोलकाता) उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि के रूप में शिवशंकर सिंह ‘सुमित’ (सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, लाजपत हिंदी हाई स्कूल, कोलकाता) ने विद्यार्थियों को मातृभाषा के माध्यम से आत्मविश्वास विकसित करने की प्रेरणा दी।
प्रतियोगिता परिणाम
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर परिणाम इस प्रकार रहे:
प्रथम स्थान - अवनि (बी. डी. एम. इंटरनेशनल स्कूल, कोलकाता)
संयुक्त द्वितीय स्थान- तनिष्का (राजकीय कन्या विद्यालय, हरियाणा) एवं श्रद्धांजलि दास (सूर्योदय हाई स्कूल, कोलकाता)
तृतीय स्थान - रोहित पाठक (स्टेपिंग स्टोन स्कूल, रिसड़ा, हुगली)
निर्णायक मंडल
निर्णायक मंडल में सीमा शर्मा, डॉ. शिप्रा मिश्रा, विनोद यादव एवं अन्य विशेषज्ञों ने निष्पक्षता एवं सूझबूझ के साथ प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। इस आभासी मंच पर देश के विभिन्न प्रदेशों से 50 से अधिक श्रोताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
प्रेरणादायी उपस्थिति
कार्यक्रम में हिंदी विश्वविद्यालय (हावड़ा) की प्राध्यापिका डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी, हावड़ा से कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव, मुंबई से डॉ. रश्मि वाषर्णेय एवं कवयित्री मीनू मदान की प्रेरणादायी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
सुव्यवस्थित संचालन, सुंदर संयोजन और प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने इस आयोजन को अत्यंत सफल बनाया। यह कार्यक्रम मातृभाषा के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को और अधिक दृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
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