मत्स्य विकास और शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा: विद्यासागर विश्वविद्यालय और BENJHARCO के बीच समझौता
विद्यासागर विश्वविद्यालय के मत्स्य विज्ञान विभाग और बहुराज्य सहकारी समिति BENJHARCO ने शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान, कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
अनुसंधान, कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा; विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे प्रशिक्षण एवं रोजगार के नए अवसर
मिदनापुर, 12 अक्तूबर। मत्स्य विज्ञान के क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान और रोजगारोन्मुखी अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में विद्यासागर विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय के मत्स्य विज्ञान विभाग ने बंगाल झारखंड फिशरीज डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव लिमिटेड (BENJHARCO) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना, मत्स्य पालन क्षेत्र में कौशल विकास को प्रोत्साहित करना तथा उद्यमिता और सतत आजीविका के अवसरों का विस्तार करना है।
BENJHARCO एक बहुराज्य सहकारी समिति है, जिसका पंजीकरण संख्या MSCS/CR/1457/2023 है। समझौता ज्ञापन पर विद्यासागर विश्वविद्यालय के मत्स्य विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष और BENJHARCO के अध्यक्ष ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के माध्यम से विश्वविद्यालय और सहकारी क्षेत्र के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत करने तथा मत्स्य पालन से संबंधित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
समझौते के तहत BENJHARCO विद्यार्थियों को क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग, मत्स्य पालन संबंधी अवसंरचना और सहकारी नेटवर्क तक पहुँच उपलब्ध कराने में सहायता करेगा। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिसशिप, प्रशिक्षण कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों तथा प्लेसमेंट और उद्यमिता से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को मत्स्य विज्ञान के सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं, तकनीकों और व्यावसायिक संभावनाओं को समझने का अवसर मिल सकेगा।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के अवसर पर विद्यासागर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीपक कुमार कर और कुलसचिव डॉ. जयंत किशोर नंदी उपस्थित रहे। समारोह में डॉ. किरणलाल दास, उप मत्स्य निदेशक (पश्चिमी क्षेत्र), मिदनापुर, पश्चिम बंगाल सरकार; डॉ. उत्पल कुमार सार, पश्चिम बंगाल सरकार के मत्स्य विभाग के पूर्व अपर निदेशक (सेवानिवृत्त) एवं विद्यासागर विश्वविद्यालय के मत्स्य विज्ञान विभाग में प्रैक्टिस प्रोफेसर; तथा विभाग के संकाय सदस्य भी मौजूद थे।
विद्यासागर विश्वविद्यालय और BENJHARCO के बीच यह समझौता उच्च शिक्षा तथा मत्स्य पालन क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर मिलने के साथ-साथ मत्स्य क्षेत्र में अनुसंधान तथा सतत आजीविका को प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएँ हैं।
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