विशेष बच्चों के साथ रंगों की अनोखी शाम: कोलकाता में धूमधाम से मनाया गया ‘होली उत्सव 2026’

कोलकाता में दिप्ती फाउंडेशन ने विशेष बच्चों के साथ ‘होली उत्सव 2026’ मनाया। रंग, संस्कृति और समावेशन का अनूठा आयोजन।

Mar 1, 2026 - 23:17
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विशेष बच्चों के साथ रंगों की अनोखी शाम: कोलकाता में धूमधाम से मनाया गया ‘होली उत्सव 2026’
मंच पर उपस्थित अतिथिगण

कोलकाता, 1 मार्च। रंगों के पर्व होली को इस बार कोलकाता में एक विशेष अर्थ मिला, जब दिप्ती फाउंडेशन द्वारा होली उत्सव 2026’ का आयोजन विशेष बच्चों के साथ किया गया। रविवार, 1 मार्च 2026 को शाम 5 बजे से 8 बजे तक सिद्धेश्वर शिव समाज संघ, कोलकाता में आयोजित इस कार्यक्रम में रंग, संगीत और संवेदना का अद्भुत संगम देखने को मिला।

‘A Day of Colours with Special Children’ थीम पर आधारित इस आयोजन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, अतिथि, अभिभावक और नागरिक उपस्थित रहे। मंच को बहुरंगी सजावट से सुसज्जित किया गया था, जबकि बच्चों ने उत्साहपूर्वक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान पारंपरिक अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर किया गया। मंच पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े वक्ताओं ने विशेष बच्चों के साथ समाज के व्यवहार और समावेशन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

दिप्ती फाउंडेशन, जो जरूरतमंद बच्चों के सहयोग और पुनर्वास के लिए कार्यरत संस्था है, ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि अपनत्व और बराबरी का उत्सव है। कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य, गीत और समूह प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। उपस्थित लोगों ने बच्चों के साथ रंग खेलकर उत्सव की सच्ची भावना को साझा किया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव जायसवाल, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र जायसवाल और सचिव रितेश कुमार जायसवाल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य विशेष बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना है।

कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने हिंदी और बांग्ला में गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके सुरों ने माहौल को उत्सवधर्मी ऊर्जा से भर दिया और विशेष बच्चों सहित सभी उपस्थित लोगों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की।

इस अवसर पर कोलकाता के पूर्व विधायक संजय बक्शी, पार्षद विजय उपाध्याय, समाजसेवी सूरज चोखानी, विकास लोहिया सहित समाज के विभिन्न वर्गों के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि समावेशी समाज ही सच्चे अर्थों में उत्सवधर्मी समाज होता है, जहाँ हर व्यक्ति की भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित हो।

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I