ज्ञानपुर के तीन सितारों ने लहराया परचम: किसान परिवार से देवेंद्र दुबे 21वीं रैंक, नेहा सिंह और अरविंद सरोज भी बने अधिकारी

भदोही के ज्ञानपुर क्षेत्र के तीन युवाओं ने UPPCS परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की। देवेंद्र दुबे (21वीं रैंक), नेहा सिंह (40वीं) और अरविंद सरोज अधिकारी बने।

Apr 1, 2026 - 07:29
Apr 1, 2026 - 07:40
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ज्ञानपुर के तीन सितारों ने लहराया परचम: किसान परिवार से देवेंद्र दुबे 21वीं रैंक, नेहा सिंह और अरविंद सरोज भी बने अधिकारी
देवेंद्र कुमार दुबे

भदोही जिले के ज्ञानपुर क्षेत्र के तीन प्रतिभाशाली युवाओं देवेंद्र कुमार दुबे, नेहा सिंह और अरविंद कुमार सरोज ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। देवेंद्र दुबे ने 21वीं रैंक पाकर डिप्टी जेलर पद प्राप्त किया, नेहा सिंह 40वीं रैंक के साथ असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) बनीं, जबकि अरविंद सरोज भी वाणिज्य कर अधिकारी बने हैं। तीनों की सफलता पर पूरे जिले में उत्सव का माहौल है।

ज्ञानपुर के युवाओं की ऐतिहासिक सफलता

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) परीक्षा के परिणामों ने इस बार भदोही जिले के ज्ञानपुर क्षेत्र को गर्व का अवसर दिया है। जिले के तीन युवाओं ने कठिन प्रतिस्पर्धा को पार करते हुए प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह ग्रामीण प्रतिभा और संघर्ष की जीत का प्रतीक भी है।

किसान परिवार से उठे देवेंद्र दुबे: 21वीं रैंक के साथ डिप्टी जेलर

भदोही क्षेत्र के कंसरायपुर निवासी देवेंद्र कुमार दुबे ने यूपी पीसीएस परीक्षा में 21वीं रैंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है।

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: किसान परिवार
  • प्रेरणा स्रोत: उनके चाचा राजेश दुबे (शिक्षक)
  • उपलब्धि: प्रथम प्रयास में सफलता

देवेंद्र की कहानी यह बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प हो, तो बड़ी से बड़ी परीक्षा भी जीती जा सकती है।

उनकी सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।

नेहा सिंह: दिल्ली में तैयारी, पहले प्रयास में सफलता

ज्ञानपुर क्षेत्र के अजयपुर की रहने वाली नेहा सिंह ने 40वीं रैंक प्राप्त कर असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) का पद हासिल किया है।

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: दादा श्रीराम सिंह (सेवानिवृत्त असिस्टेंट मैनेजर)
  • पिता: कौशल कुमार सिंह (प्राइवेट नौकरी)
  • तैयारी: पिछले तीन वर्षों से दिल्ली में

नेहा की सफलता यह दर्शाती है कि निरंतरता और अनुशासन किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी है। उनकी उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों कमलेश वाजपेयी, केएस पांडेय, देवी प्रसाद सिंह, जालपा प्रसाद श्रीवास्तव ने खुशी जताई और उन्हें शुभकामनाएँ  दीं।

सेना पृष्ठभूमि से अरविंद सरोज: सेवा का नया अध्याय

ज्ञानपुर के नथईपुर निवासी अरविंद कुमार सरोज ने भी पीसीएस परीक्षा पास कर वाणिज्य कर अधिकारी के रूप में चयन पाया है।

  • पिता: शिवचंद सरोज (सेना से सेवानिवृत्त मेजर सूबेदार)

अरविंद की सफलता अनुशासन, देशसेवा की भावना और समर्पण का परिणाम है।

उनकी उपलब्धि पर गांव में उत्सव जैसा माहौल है, जहां लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र की जीत बताया।

जिले में खुशी की लहर, बधाइयों का सिलसिला

तीनों अभ्यर्थियों की सफलता पर ज्ञानपुर और आसपास के क्षेत्रों में हर्ष का माहौल है। अनेक सामाजिक और शैक्षिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्रामीण प्रतिभा का उभार: बदलता परिदृश्य

यह सफलता एक बड़े सामाजिक बदलाव की ओर संकेत करती है -  

अब छोटे गांवों से भी प्रशासनिक सेवाओं में प्रतिभाएँ उभर रही हैं

शिक्षा और मार्गदर्शन की पहुंच बढ़ रही है

युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए अधिक जागरूक और प्रतिबद्ध हैं

ज्ञानपुर के इन तीन युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि सपने बड़े हों, तो सीमाएँ  छोटी पड़ जाती हैं।

प्रेरणा की नई कहानी

देवेंद्र कुमार दुबे, नेहा सिंह और अरविंद कुमार सरोज की सफलता केवल परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, अनुशासन और समर्पण की प्रेरणादायक यात्रा है। इनकी उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदेश हैं  मेहनत, धैर्य और सही दिशा से हर लक्ष्य संभव है।

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