50वाँ कोलकाता पुस्तक मेला 22 जनवरी से, ‘वंदे मातरम्’ होगी थीम
50वाँ अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला 22 जनवरी से 3 फरवरी 2027 तक आयोजित होगा। स्वर्ण जयंती संस्करण की केंद्रीय थीम ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगाँठ होगी। इजराइल को थीम कंट्री बनाने पर विचार जारी है, जबकि स्टॉल आवंटन में डिजिटल प्रणाली और बांग्लादेश की संभावित भागीदारी भी चर्चा में है।
50वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले की तारीखों का ऐलान, 22 जनवरी से 3 फरवरी तक चलेगा साहित्य का महाकुंभ
कोलकाता, 8 सितंबर। किताबों और साहित्य के प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। 50वाँ अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला 22 जनवरी से 3 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने सोमवार को आगामी पुस्तक मेले की तारीखों की घोषणा की। वर्ष 2027 में कोलकाता पुस्तक मेला अपने आयोजन के 50वें वर्ष में प्रवेश करेगा, इसलिए इस बार का आयोजन विशेष महत्व रखता है। आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला वेबसाइट पर भी 22 जनवरी से 3 फरवरी 2027 तक की तारीखें प्रकाशित की गई हैं।
‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगाँठ होगी केंद्रीय थीम
स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजित होने वाले पुस्तक मेले की केंद्रीय थीम ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगाँठ होगी। आयोजकों के अनुसार, ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रवाद और देश के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ विषय है। इस थीम के माध्यम से पुस्तक मेले में साहित्य, इतिहास और भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने लाने की योजना है। पुस्तक मेला आयोजन समिति के सलाहकार बोर्ड के संयोजक पत्रकार प्रसेनजीत बक्शी के अनुसार, ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगाँठ को केंद्रीय विषय बनाए जाने के साथ बंगाल के इतिहास, साहित्य और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। विभाजन और पश्चिम बंगाल के गठन की ऐतिहासिक परिस्थितियों के साथ लोकप्रिय संस्कृति से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रसंग भी आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं।
इजराइल को थीम कंट्री बनाने पर अभी अंतिम फैसला नहीं
50वें पुस्तक मेले के लिए इजराइल को थीम कंट्री बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में अभी अंतिम सरकारी मंजूरी नहीं मिली है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित थीम कंट्री के रूप में ही देखा जा रहा है।
स्टॉल आवंटन में आएगा बड़ा बदलाव
स्वर्ण जयंती संस्करण में पुस्तक मेले की व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। आयोजकों ने स्टॉल आवंटन के लिए स्वचालित/कंप्यूटरीकृत प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है। इसके तहत प्रकाशक ऑनलाइन अथवा डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से स्टॉल के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह व्यवस्था दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेलों में अपनाई जाने वाली आधुनिक प्रणालियों की तर्ज पर विकसित किए जाने की योजना है।
बांग्लादेश की भागीदारी पर अभी असमंजस
50वें कोलकाता पुस्तक मेले में बांग्लादेश की भागीदारी भी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है। पिछले दो संस्करणों में बांग्लादेश का कोई बुकस्टॉल शामिल नहीं रहा था। 2027 में उसकी वापसी होगी या नहीं, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। आयोजकों के अनुसार, इस संबंध में निर्णय भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की आवश्यक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
सरकार ने गठित किया 24 सदस्यीय सलाहकार बोर्ड
50वें पुस्तक मेले की तैयारियों और बेहतर समन्वय के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने अगस्त में 24 सदस्यीय सलाहकार बोर्ड गठित किया था। बोर्ड में रामकृष्ण मिशन, भारत सेवाश्रम संघ, नेशनल बुक ट्रस्ट, ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर, प्रकाशन जगत, शिक्षा, पत्रकारिता और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। पत्रकार प्रसेनजीत बक्शी को बोर्ड का संयोजक बनाया गया है। पुस्तक मेले का आयोजन Publishers & Booksellers Guild द्वारा Eastern Zonal Cultural Centre (EZCC) और National Book Trust (NBT) के सहयोग से किया जाएगा। सरकार द्वारा गठित सलाहकार बोर्ड आयोजन को दिशा-निर्देश और समन्वय प्रदान करेगा।
आयोजन स्थल को लेकर प्रक्रिया जारी
पुस्तक मेले के लिए साल्ट लेक के सेंट्रल पार्क/करुणामयी क्षेत्र स्थित निर्धारित मैदान के आवंटन का अनुरोध किया गया है। हालांकि, उपलब्ध सरकारी बैठक विवरणों के अनुसार मैदान का अंतिम आवंटन उस समय तक औपचारिक रूप से सुनिश्चित नहीं हुआ था और आयोजकों को संबंधित विभाग के साथ प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया था। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला का आयोजन स्थल बोई मेला प्रांगन, करुणामई बस स्टैंड होगा।
1976 से साहित्य और पाठकों का बड़ा उत्सव
अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले की शुरुआत 1976 में हुई थी। पांच दशक की यात्रा पूरी करने जा रहा यह आयोजन आज कोलकाता के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है और देश-विदेश के प्रकाशकों, लेखकों, साहित्यकारों तथा पुस्तकप्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान करता है। पुस्तक विमोचन, साहित्यिक चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न भाषाओं के साहित्य की उपलब्धता इसे एक विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक आयोजन बनाती है।
22 जनवरी 2027 से 3 फरवरी 2027 तक आयोजित होने वाला 50वाँ अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला इसलिए भी खास होगा कि यह आयोजन पांच दशक की अपनी यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रहा है। ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगाँठ को केंद्रीय थीम, संभावित अंतरराष्ट्रीय थीम कंट्री, डिजिटल स्टॉल आवंटन और व्यापक भागीदारी की योजनाओं के साथ इस बार का पुस्तक मेला साहित्य, संस्कृति और समकालीन विमर्श का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी में है।
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