महिला तहसीलदार ने DM पर लगाए उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के आरोप, SIT जाँच की माँग
फिरोजाबाद में महिला तहसीलदार ने DM पर उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। आजाद अधिकार सेना ने SIT जाँच और कार्रवाई की माँग की।
फिरोजाबाद, 17 अप्रैल 2026। फिरोजाबाद जनपद में प्रशासनिक तंत्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। टूंडला तहसील की तहसीलदार राखी शर्मा द्वारा जिलाधिकारी रमेश रंजन पर महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, दबाव और अनैतिक आचरण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे प्रदेश भर में हलचल मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राखी शर्मा ने आरोप लगाया है कि एक कथित भूमि घोटाले में उनसे गलत रिपोर्ट देने का दबाव बनाया गया। जब उन्होंने निष्पक्ष जाँच करते हुए इस दबाव को मानने से इनकार किया, तो उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई और लगभग आठ महीनों तक उनका वेतन रोक दिया गया। इसे उन्होंने मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का गंभीर मामला बताया है।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जिलाधिकारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महंगे उपहार जैसे iPhone और i-Watch OSD के माध्यम से प्राप्त कराए गए, जो भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए, तहसीलदार ने संकेत दिया है कि कुछ अत्यंत संवेदनशील आरोप, संभवतः यौन उत्पीड़न या अन्य अनैतिक आचरण से जुड़े ऐसे हैं जिन्हें वे सार्वजनिक रूप से बताने में संकोच कर रही हैं।
बताया गया है कि जब उन्होंने न्याय के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया, तो उन पर याचिका वापस लेने का दबाव बनाया गया। वर्तमान में भी उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने और निगरानी रखे जाने का आरोप है।
इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने कहा कि यह मामला प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यदि एक महिला अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
आजाद अधिकार सेना ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और एसीएस राजस्व विभाग को विस्तृत शिकायत भेजी है। साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग से भी हस्तक्षेप की माँग की गई है।
आजाद अधिकार सेना ने स्पष्ट रूप से माँग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच के लिए SIT का गठन किया जाए, जाँच की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो तथा पीड़ित महिला अधिकारी को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो प्रदेशव्यापी जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
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