बेथुन कॉलेज में ‘थिएटर, संचार एवं विज्ञान’ पर भव्य कार्यशाला
बेथ्यून कॉलेज, कोलकाता ने 'नाट्य, संचार और विज्ञान' विषय पर एक भव्य नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें 5 विश्वविद्यालयों, 14 कॉलेजों और 160 विद्यार्थियों ने भाग लिया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
एशिया के प्रथम महिला महाविद्यालय बेथुन कॉलेज में बहुभाषी थिएटर कार्यशाला, रंगकर्म के माध्यम से संचार कौशल, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मिला नया आयाम
कोलकाता, 22 अप्रैल 2026। भारतीय महिला शिक्षा के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित बेथुन कॉलेज ने एक बार फिर अपनी प्रगतिशील और नवाचारी शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ‘थिएटर, संचार एवं विज्ञान’ विषय पर एक भव्य और ज्ञानवर्धक थिएटर कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें कोलकाता और आसपास के अनेक शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बेथुन कॉलेज, जो एशिया का प्रथम महिला महाविद्यालय माना जाता है, लंबे समय से महिला शिक्षा, सामाजिक चेतना और नेतृत्व निर्माण का प्रतीक रहा है। इसी गौरवशाली विरासत के बीच आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि संचार कौशल, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सृजनात्मक अभिव्यक्ति का संगम बनकर सामने आया।
ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक सोच का संगम
वर्ष 1883 में कादंबिनी गांगुली और चंद्रमुखी बासु ने इसी संस्थान से कलकत्ता विश्वविद्यालय एवं ब्रिटिश साम्राज्य की प्रथम महिला स्नातक बनने का गौरव प्राप्त किया था। आज भी यह संस्था NAAC A+ मान्यता के साथ उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता का मानक बनी हुई है।
कार्यशाला की विशेषताएँ
कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध रंगनिर्देशक, पटकथा लेखक और अभिनेता प्लाबन बासु ने मौलाली रंगशिल्पी समूह के सहयोग से किया। उनकी टीम के कलाकारों ने विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष अभ्यास सत्र संचालित किए। कार्यशाला के दौरान निम्न विषयों पर विशेष सत्र आयोजित हुए:
- अभिनय तकनीक और मंच प्रस्तुति
- समूह समन्वय एवं एंसेंबल परफॉर्मेंस
- स्वर नियंत्रण (Voice Modulation)
- नाट्य इम्प्रोवाइजेशन
- संवाद क्षमता और व्यक्तित्व विकास
- ‘विज्ञान एवं थिएटर’ पर इंटरैक्टिव क्विज
इन सत्रों ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि थिएटर केवल कला नहीं, बल्कि संचार, मनोविज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक सोच का प्रभावी माध्यम भी है।
लघु नाट्य प्रस्तुति ने जीता दिल
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत 15 से 20 मिनट की लघु नाट्य प्रस्तुति से हुआ। इस प्रस्तुति में विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और टीमवर्क स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
नेतृत्व और समन्वय
यह आयोजन कॉलेज की प्राचार्या डॉ. राज्यश्री रॉय के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का समन्वयन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. नमिता जायसवाल ने किया। साथ ही डॉ. नीलांजना बागची का विशेष सहयोग रहा।
अंतर-महाविद्यालयीय सहभागिता बनी आकर्षण
इस आयोजन में आयोजक संस्था सहित 5 प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं 14 महाविद्यालयों से लगभग 160 विद्यार्थियों की उपस्थिति ने इसे एक व्यापक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक मंच बना दिया। विविध भाषाई और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आए छात्रों ने कार्यक्रम को समृद्ध बनाया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन?
आज के डिजिटल युग में संचार कौशल, रचनात्मकता और सहयोगात्मक अधिगम अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसे समय में बेथुन कॉलेज का यह प्रयास विद्यार्थियों को थिएटर के माध्यम से नेतृत्व, अभिव्यक्ति और विश्लेषणात्मक सोच से जोड़ने वाला प्रेरणादायी कदम है।
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