विद्यासागर विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स और ड्रोन प्रौद्योगिकी पर कार्यशाला
विद्यासागर विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स और ड्रोन प्रौद्योगिकी पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों सहित लगभग 60 विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक इसमें भाग ले रहे हैं।
मिदनापुर, 24 अगस्त। विद्यासागर विश्वविद्यालय के कंप्यूटर सेंटर की ओर से रोबोटिक्स और ड्रोन प्रौद्योगिकी पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को ड्रोन प्रौद्योगिकी, मानव रहित हवाई वाहन (UAV), रोबोटिक्स तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के संबंध में व्यावहारिक ज्ञान और प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
आईआईटी खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. दिलीप कुमार प्रतिहार ने मुख्य वक्तव्य दिया। आर एंड डी सेल के निदेशक प्रो. अजय मिश्रा तथा रोबोज़ोनिक्स के संस्थापक अनुप पराली ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उद्घाटन सत्र का समापन विद्यासागर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. जयंत किशोर नंदी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर ड्रोन के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा विवेकानंद सभागृह के बाहर स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पवर्षा की गई। इस अभिनव गतिविधि के माध्यम से ड्रोन प्रौद्योगिकी के एक रोचक और व्यावहारिक अनुप्रयोग का प्रदर्शन किया गया।
कार्यशाला के पहले दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में 'ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs) के वायुगतिकी का परिचय' तथा 'ड्रोन के पुर्जों की असेंबली और ESC सोल्डरिंग' जैसे विषय शामिल रहे। प्रतिभागियों को तकनीकी अवधारणाओं के साथ-साथ उपकरणों और ड्रोन के विभिन्न घटकों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई।
दूसरे दिन प्रतिभागियों को ड्रोन फ्लाइंग सिमुलेशन, फ्लाइट कंट्रोलर कैलिब्रेशन और ट्यूनिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ड्रोन उड़ान, थर्मल इमेजिंग, लाइव टेलीमेट्री निगरानी और परिधि निगरानी पैटर्न का प्रदर्शन किया जाएगा। रोबोटिक्स सत्र में सेंसर, रोबोट असेंबली तथा जेस्चर-नियंत्रित रोबोट बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इस अवसर पर सलाहकार एवं निदेशक, आईक्यूएसी प्रो. मधुमंगल पाल, निदेशक प्रो. अजय मिश्रा, प्रो. केशव चंद्र मंडल, प्रो. बिस्वपति जाना, कार्यक्रम समन्वयक देवकुमार बेरा, सिस्टम एनालिस्ट देबायन नंदा, कंप्यूटर अधिकारी सौम्य चक्रवर्ती तथा कार्यशाला के संयोजक डॉ. अर्णब साधु सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में पश्चिम बंगाल के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों से लगभग 60 विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक भाग ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, कार्यशाला का उद्देश्य रोबोटिक्स और ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में प्रतिभागियों के बीच व्यावहारिक अधिगम, तकनीकी जागरूकता और नवाचारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों से जोड़ने तथा उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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